गरियाबंद। राष्ट्र के विभाजन के कारण 14 अगस्त 1947 को अपनी जान गंवाने वाले और अपनी जड़ों से विस्थापित होने वाले सभी लोगों के याद के रूप में 2021 से हर साल 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिवस लोगों के बलिदान को याद करने के दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य देशवासियों की वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को देश विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेले गए दर्द और पीड़ा को स्मरण कराना है।
इसी तारतम्य में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर संयुक्त जिला कार्यालय गरियाबंद में 13 एवं 14 अगस्त को दो दिवसीय फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी के माध्यम से विभाजन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही उनके दुख और तकलीफ को महसूस किया गया। जो विभाजन के दौरान लाखों लोगों द्वारा अनुभव की गई। यह प्रदर्शनी लोगों के अपार पीड़ा, दुख और दर्द पर प्रकाश डालती है। आम नागरिकों सहित अधिकारी कर्मचारी ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
प्रदर्शनी में 14 अगस्त 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन को चित्रों के माध्यम से दिखाया गया। प्रदर्शनी में लगभग 30 चित्रों को लगाया गया है, जिसमें चित्र के साथ उस घटना का पूरा विवरण भी लिखित रूप में मौजूद है। उस समय के न्यूज पेपर में छपी फोटो से विभाजन के समय सांप्रदायिक हिंसा में कितने लोगों को मारा गया था और लोगों पर किस तरह की बर्बरता की गयी थी, यह भी प्रदर्शनी के माध्यम से दिखाया गया। प्रदर्शनी में विभाजन की विभिन्न परिस्थिति को दिखाया गया।
