प्रा.शाला ज्ञान ज्योति बरबांधा के  विद्यार्थियों के सामने निजी विद्यालयों के विद्यार्थी भी फीके नजर आते हैं

Even the students of private schools look pale in front of the students of Primary School Gyan Jyoti Barbandha

शिक्षक खिलावन चतुर्वेदी का विद्यार्थियों को पढ़ाने का तरीका अनोखा 
शिक्षक का हुनर ऐसा की हर एक विद्यार्थी है होशियार, निजी स्कूलों से अपने बच्चों को निकाल इस स्कूल में पालक करवाते हैं अपने बच्चों का दाखिला ।
अन्य विद्यालय के तुलना में यहां के सभी विद्यार्थी अपने से एक कक्षा ऊपरी ज्ञान रखते हैं 
धमतरी/नगरी /बरबांधा  । यदि शिक्षा विभाग में एल.आई. सी. वाले शिक्षक है तो वहीं शिक्षा विभाग का नाम रोशन करने वाले खिलावन राम चतुर्वेदी जैसे गुणवान शिक्षक भी हैं, जी हां शासकीय प्राथमिक शाला ज्ञान ज्योति बरबांधा में पदस्थ प्रधान पाठक खिलावन राम चतुर्वेदी का पढ़ाने का तरीका कुछ ही कुछ खास है। जहां पहली कक्षा के बच्चे हिंदी बड़ी  आसानी से पढ़ लेते हैं । शाला  के तीसरी चौथी के विद्यार्थी फर्राटेदार अंग्रेजी पढ़ लेते हैं। इतना ही नहीं गणित में भी विद्यार्थीयो की अच्छी पकड़ हैं। कक्षा पहली में 9 विद्यार्थी, कक्षा दूसरी में 6 विद्यार्थी और चौथी में 7 विद्यार्थी हैं। विद्यालय की कुल दर्ज संख्या 22 है।
विद्यालय चारों तरफ से घने जंगलों से घिरा हुआ है । अक्सर  सुनने में आता है कि आसपास के गांव में कोटवारो द्वारा मुनियादी किया जाता है कि “बाहर जंगल की तरफ मत जाना यहां जानवर खुले आम घूम रहे हैं” और ऐसी परिस्थिति में बच्चे घने जंगलों को पार करके विद्यालय जाते हैं। आसपास के ग्रामों में विद्यालय होने के बावजूद अच्छी पढ़ाई के देखकर पालक अपने बच्चों को यहां दाखिला करवाते हैं।
शाला तक पहुंचने में शिक्षकों को होती हैं परेशानी। यहां सड़क तो है पर कोई काम का नहीं बारिश के दिनों में रास्ते इतने खराब हो जाते है कि रास्ता में राहगीर चल ही नहीं सकता। गुणवत्ता हीन सड़क होने की वजह से बारिश में सड़क का किसी प्रकार से उपयोग नहीं किया जा रहा है।
एकल शिक्षकीय होने की वजह से पालकों से द्वारा मानसेवी शिक्षक का व्यवस्था किया गया था। पर अभी यहां के लिए शिक्षा विभाग द्वारा एक पद पर मानसेवी शिक्षक की भर्ती निकाली गई है। उक्त पद को किसी योग्य उम्मीदवार की भर्ती कर पुरी की जाएगी ।
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