कांकेर: जिले के भानुप्रतापपुर विकासखंड के गांवों में मतांतरण के खिलाफ ग्रामीण एकजुट हो रहे है। जिसके चलते गांव के प्रवेश द्वार पर पास्टर व ईसाई धर्म के लोगों का प्रवेश वर्जित करने का बोर्ड लगाया जा रहा है। भानुप्रतापपुर विकासखंड का ग्राम बांसला के आश्रित ग्राम जुनवानी दूसरा गांव है और इससे पहले जुलाई माह में ही कुडाल गांव में पास्टर व पादरियों के प्रवेश पर प्रतिबंध का बोर्ड लगाया गया है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, जुनवानी गांव में आठ परिवार के लोग दूसरे धर्म को मानने लग गए हैं। जिसमें तीन परिवार को वापस मिलाया गया है पांच परिवार अभी भीदूसरे धर्म का अनुसरण कर रहे हैं। जिसके चलते गांव और आदिवासी समाज के रीति रीवाजों पर फर्क पड़ रहा है। साथ ही गांव का माहौल भी खराब हो रहा था।
गांव में पास्टर और मतांतरित लोगों के प्रवेश पर लगाई रोक
Entry of pastors and converted people was banned in the village
