देवीचरण ठाकुर गरियाबंद
गरियाबंद_एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने नगर पालिका में पदस्थ सब इंजीनियर संजय मोटवानी को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। मामला सामने आते ही नगर पालिका में हड़कंप मच गया है।
पुराने निर्माण कार्यों की फाइलें खंगालते समय शुरू हुआ ‘रिश्वत गेम’
जानकारी के मुताबिक इंजीनियर पिछले दो माह से पुराने निर्माण कार्यों की फाइलों की जांच कर रहा था। इसी दौरान शौचालय निर्माण कार्य पूरा कर चुके कॉन्ट्रेक्टर अजय गायकवाड़ से फाइनल बिल पास करने के नाम पर पैसों की मांग शुरू की।
“बचत राशि का 50% दो”… नहीं तो नहीं मिलेगा फाइनल बिल
कॉन्ट्रेक्टर ने बताया कि इंजीनियर मोटवानी बचत राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा रिश्वत के रूप में मांग रहा था। ठेकेदार ने कई बार अनुरोध किया कि सामान्य कमीशन पर बिल जारी कर दिया जाए, क्योंकि काम में उसे पहले ही घाटा हो चुका था। लेकिन इंजीनियर अपनी तय रकम पर अड़ा रहा।
कॉन्ट्रेक्टर ने की शिकायत — सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल
थक-हारकर ठेकेदार ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच व सत्यापन के बाद एसीबी की टीम ने जाल बिछाया।
निजी कार में लेते समय पकड़ा गया 30 हजार का ‘मोटा माल’
एसीबी की टीम ने इंजीनियर संजय मोटवानी को उसकी निजी कार के भीतर 30 हजार रुपए रिश्वत लेते ही रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
नगर पालिका में हड़कंप — आगे की कार्रवाई जारी
कार्यवाही के बाद नगर पालिका के कर्मचारियों और ठेकेदारों में खलबली मची है। एसीबी आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
