रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा। जिले के नवागत कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी की सख्त कार्यशैली को लेकर अब कर्मचारियों और अधिकारियों में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। मंगलवार को जिले भर के कर्मचारी और अधिकारी एकजुट होकर संभागायुक्त कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर तथा जिला पंचायत सीईओ पर दुर्व्यवहार एवं अनावश्यक दबाव बनाने के आरोप लगाए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
जानकारी के अनुसार, नए कलेक्टर द्वारा पदभार ग्रहण करने के बाद से कार्यालयों में समय पर उपस्थित होने, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और कार्य में लापरवाही पर सख्ती बरती जा रही है। वर्षों से लंबित छोटे-बड़े मामलों को तेजी से निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी को लेकर कर्मचारियों के बीच नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है।
संभागायुक्त कार्यालय पहुंचे कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याएं रखीं। कर्मचारियों का आरोप है कि उन पर लगातार अतिरिक्त कार्य का दबाव बनाया जा रहा है तथा प्रताड़ित किया जा रहा है। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लंबित मामलों का समय पर निराकरण आवश्यक है।
कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन जनता की सेवा के लिए है और जो कार्य लंबे समय से लंबित हैं, उन्हें हर हाल में पूरा करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों की समस्याएं सुनी जाएंगी, लेकिन जनहित के कार्यों में देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
फिलहाल जिले में प्रशासन और कर्मचारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। अब देखना होगा कि यह मामला बातचीत से सुलझता है या कर्मचारी आंदोलन की राह अपनाते हैं।
