छत्तीसगढ़

“नव्या मलिक ड्रग केस में ED की एंट्री, 1 करोड़ के लेनदेन की होगी जांच”

ED enters Navya Malik drug case; ₹1 crore transaction to be investigated.

रायपुर। राजधानी के चर्चित नव्या मलिक ड्रग प्रकरण में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रुचि दिखाई है। ड्रग कारोबार से जुड़े कथित आर्थिक लेन-देन, ब्लैक मनी और मनी मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच के लिए ईडी ने मामले से संबंधित दस्तावेज और चालान प्रतियां मंगाई हैं।

सूत्रों के अनुसार गंज थाना में दर्ज इस मामले की चालान प्रतियां ईडी कार्यालय पहुंच चुकी हैं। एजेंसी प्रारंभिक स्तर पर यह परीक्षण करेगी कि मामले में मनी मनी लॉन्ड्रिंग की पुष्टि होती है या नहीं। यदि जांच में एक करोड़ रुपये या उससे अधिक की अवैध धनराशि के लेन-देन के संकेत मिलते हैं तो ईडी प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआइआर) दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर सकती है।

2025 में पकड़ा गया हाइप्रोफाइल ड्रग रैकेट

मामले का राजफाश 23 अगस्त 2025 को हुआ था, जब पुलिस ने हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया को एमडीएमए ड्रग के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान आरोपितों ने नव्या मलिक की भूमिका का राजफाश किया। इसके बाद पुलिस टीम ने मुंबई पहुंचकर नव्या मलिक को गिरफ्तार किया था। रायपुर के कटोरा तालाब क्षेत्र की निवासी नव्या मलिक पर आरोप है कि वह शहर की कई हाइप्रोफाइल पार्टियों, निजी आयोजनों और नाइट क्लबों में ड्रग की आपूर्ति करती थी। जांच में यह भी सामने आया था कि वह स्वयं कई आयोजनों में मौजूद रहकर ड्रग उपलब्ध कराती थी।

मोबाइल और डिजिटल नेटवर्क के जरिए चलता था कारोबार

पुलिस जांच में सामने आया था कि ड्रग सप्लाई का पूरा नेटवर्क मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए संचालित किया जाता था। जांच एजेंसियों का दावा है कि समय के साथ नव्या का संपर्क शहर के प्रभावशाली और संपन्न वर्ग तक पहुंच गया था, जिससे नेटवर्क लगातार विस्तार करता गया। नव्या की गिरफ्तारी के बाद जब्त किए गए तीन मोबाइल फोन की जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई थीं। पुलिस के अनुसार उसके संपर्क में करीब 850 प्रभावशाली लोग थे। इनमें कारोबारी, होटल संचालक, क्लब प्रबंधन से जुड़े लोग, राजनीतिक परिवारों के सदस्य और अन्य रसूखदार व्यक्तियों के नाम शामिल बताए गए थे।

850 से अधिक लोगों के नाम आए थे चर्चा में

जांच के दौरान एक विधायक के रिश्तेदार, होटल व्यवसायी, आटोमोबाइल कारोबारी और इंटीरियर डिजाइनिंग से जुड़े लोगों के नाम भी सामने आए थे। पुलिस ने दावा किया था कि 850 से अधिक ऐसे लोगों की पहचान हुई थी जो कथित रूप से ड्रग का सेवन करते थे। कई नाइट क्लबों के मैनेजर और बाउंसरों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई थी। इसके अलावा नव्या के विदेश दौरों और उसके साथ यात्रा करने वाले कुछ रईसजादों की जानकारी भी जांच एजेंसियों को मिली थी। हालांकि इन नामों का उल्लेख अब तक सार्वजनिक रूप से किसी आधिकारिक दस्तावेज में नहीं किया गया है।

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