छत्तीसगढ़

स्कूलों के आसपास नशे का कारोबार

Drug trade around schools

बिलासपुर। चकरभाठा क्षेत्र के ग्राम सेवार में अवैध शराब, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गांव के लोगों का आरोप है कि गांव के चौक-चौराहों, गली-मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर लंबे समय से नशीले पदार्थों की बिक्री चल रही है। शाम होते ही कुछ स्थानों पर शराब बिक्री के कथित अड्डों में आसपास के गांवों से भी लोग पहुंचते हैं। आरोप है कि कुछ लोगों की मिलीभगत और संरक्षण से यह कारोबार फल फूल रहा है।

चकरभाठा क्षेत्र के ग्राम सेवार में नशे के कारोबार को लेकर पहले भी पुलिस कार्रवाई हो चुकी है। एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर तत्कालीन थाना प्रभारी के कार्यकाल में कार्रवाई कर कई आरोपितों को पकड़ा गया था। कुछ समय तक स्थिति नियंत्रित रही, लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि अब नशे की गतिविधियां फिर बढ़ गई हैं। उनका कहना है कि गांव में नशीले पदार्थों की आसान उपलब्धता का सबसे ज्यादा असर किशोरों और युवाओं पर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि नशे का असर केवल गलियों और सार्वजनिक स्थानों तक सीमित नहीं है।

काली मंदिर, बंजारी मंदिर और जैतखाम के आसपास भी कथित तौर पर शराब सेवन करने वालों का जमावड़ा रहता है। यहां शराब की खाली बोतलें, डिस्पोजल, पानी के पाउच और अन्य कचरा बिखरा मिलने की शिकायत है। धार्मिक स्थलों के आसपास इस तरह की गतिविधियों से श्रद्धालुओं में नाराजगी है। इसी तरह ग्राम सेवार के शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के परिसर और आसपास भी गंदगी की शिकायत सामने आई है। प्रभारी प्राचार्य एस कौशिक के अनुसार, स्कूल आने पर परिसर में गंदगी दिखाई देती है।

ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व प्राचार्य पिंकी सिंह ने भी इस समस्या से थाना प्रभारी को कई बार अवगत कराया था। स्कूल के आसपास नशे से जुड़ी गतिविधियों और कचरे की स्थिति बच्चों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि कार्रवाई कुछ दिनों तक सीमित रहने के बजाय लगातार होनी चाहिए।

धार्मिक स्थलों के आसपास गंदगी से श्रद्धालु नाराज

ग्राम सेवार के काली मंदिर, बंजारी मंदिर और जैतखाम के आसपास शराब सेवन के बाद कचरा छोड़े जाने की शिकायत ग्रामीणों ने की है। लोगों के अनुसार, इन स्थानों पर खाली शराब बोतल, डिस्पोजल, पानी के पाउच और अन्य सामग्री बिखरी दिखाई देती है।

ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक स्थल लोगों की आस्था से जुड़े हैं और वहां इस तरह की गतिविधियां होने से श्रद्धालुओं में असंतोष है। स्कूल के आसपास भी निगरानी की मांग सेवार के शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के आसपास गंदगी और नशे से जुड़ी गतिविधियों की शिकायत ने बच्चों की सुरक्षा और वातावरण को लेकर चिंता बढ़ाई है।

प्रभारी प्राचार्य एस कौशिक के अनुसार, स्कूल आने पर परिसर में गंदगी दिखाई देती है। ग्रामीणों के मुताबिक, पूर्व प्राचार्य पिंकी सिंह ने इस संबंध में थाना प्रभारी को कई बार जानकारी दी थी।

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