सपना आवास का अधूरा : आवास की मांग को लेकर ग्रामीण दर-दर भटकने पर मजबूर

रिपोटर : अमित पाटले

बेमेतरा। आवास की मांग को लेकर ग्रामीण दर-दर भटकने पर मजबूर। आवास के लिए बूढ़ी आंखें तरस गई लेकिन अब तक नहीं मिल पाया आवास। कई सालों से कच्चे मकान पर रहने पर मजबूर है ग्रामीण। अपनी मांगों को लेकर सरपंच सचिव से कई बार लगा चुके हैं गुहार। जिले के कई गांव में आवास नहीं मिलने से ग्रामीण है परेशान। अपनी समस्याओं को लेकर कई बार अधिकारियों से भी लगाई गुहार चप्पले घिस गई दफ्तर के चक्कर काटकर।

पूरा मामला बेमेतरा जिला के कई गांव का है जिसमें से ग्राम मोतेसरा के ग्रामीण महिला हीरमत भाई यादव प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ के लिए लगातार कई बार अधिकारी कर्मचारी से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनको आश्वासन के अलावा कुछ नही मिला। जिले के ही ग्राम पूजा वर्मा मोतेसरा निवासी आवासहीन महिला आवास की मांग को लेकर सरपंच सचिव से कई बार गुहार लगा चुके हैं। कच्चे मकान में गुजर करते हुए कई साल हो गया। आवास के लिए उनकी आंखें तरस गई। जोगन बाई ग्राम सिमरिया की महिला लगातार कई सालों से कच्चे मकान पर रह रही है, लेकिन उनको भी आवास का लाभ अब तक नहीं मिल पाया है।

जिले के कई गांव के ग्रामीण आवास से कोसों दूर है। आवास की मांग को लेकर दफ्तर के चक्कर काट कर थक चुके हैं। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है, केवल आश्वासन के अलावा अब तक ग्रामीणों को कुछ नहीं मिल पाया है। देखने वाली बात यहां होगी आखिर ग्रामीणों को कब तक पक्का मकान मिल पाता है या यूं ही बूढ़ी आंखें पक्का मकान के लिए तरसती रहेगी।

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