रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा। जवा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत रौली में पट्टे की भूमि को लेकर विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। भू-स्वामी का दावा है कि उसकी पट्टे की जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया गया और विरोध करने पर उसके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज करा दिया गया। पीड़ित ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम रौली निवासी विजयनाथ तिवारी (45 वर्ष) ने बताया कि उनकी पट्टे की भूमि पर अर्जुन केवट की पत्नी प्रेमवती केवट चारा काट रही थी। जब उन्होंने चारा काटने और खेत में घुसी बकरियों को हटाने के लिए कहा तो विवाद की स्थिति बन गई। आरोप है कि इसी दौरान प्रेमवती केवट ने पीछे से कुल्हाड़ी से हमला कर उनके सिर में चोट पहुंचाई। घटना की शिकायत अतरैला थाने में दर्ज कराई गई थी।
विजयनाथ तिवारी का आरोप है कि शिकायत के बाद कान्ति दुबे द्वारा उन्हें फोन कर समझौते के लिए दबाव बनाया गया तथा धमकी दी गई। उन्होंने बताया कि 9 जून 2026 को कान्ति दुबे, अर्जुन केवट, प्रेमवती केवट और उनके समर्थक बड़ी संख्या में खसरा नंबर 46 स्थित उनकी पट्टे की भूमि पर पहुंचे और कथित रूप से जबरन मड़ई डालने एवं कब्जा करने का प्रयास करने लगे।
पीड़ित के अनुसार जब वह अपनी भैंस चराते हुए खेत पहुंचे तो देखा कि उनकी जमीन पर टेना-थूनी गाड़कर कब्जे की तैयारी की जा रही है। विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई और पट्टे के दस्तावेज दिखाने की चुनौती दी गई। सूचना मिलने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद कथित रूप से आरोपी पक्ष वहां से चला गया।
विजयनाथ तिवारी ने बताया कि बाद में दोनों पक्ष अतरैला थाना पहुंचे, जहां उन्होंने लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। तो एसडीओपी दारा बोला गया की अभी आप लोग जाओ हम सुबह जांच करने आएंगे परन्तु आज दिनांक तक पुलिस द्वारा जांच नहीं की गई। विजय नाथ तिवारी का कहना है कि अगले दिन उन्हें जानकारी मिली कि उनके, उनके भाई और बेटे के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित कहना है कि पुलिस ने बिना निष्पक्ष जांच किए एकतरफा कार्रवाई की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि थाना परिसर में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी और नारेबाजी के जरिए पुलिस पर दबाव बनाया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई।
विजयनाथ तिवारी ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, पट्टे की भूमि पर कथित अवैध कब्जे के प्रयास की जांच करने तथा झूठे प्रकरण दर्ज कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।
