निदेशक प्रभारी द्वारा बीएसपी के सिंटर प्लांट-3 में टॉप फायरड कर्टन फ्लेम इग्निशन एवं कोक ओवन गैस इंजेक्शन सिस्टम का शुभारंभ
Director Incharge inaugurates Top Fired Curtain Flame Ignition and Coke Oven Gas Injection System at Sinter Plant-3, BSP

भिलाई इस्पात संयंत्र ने ऊर्जा दक्षता और परिचालन क्षमता में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सिंटर प्लांट-3 के सिंटर मशीन-2 में टॉप फायरड कर्टन फ्लेम इग्निशन सिस्टम एवं कोक ओवन गैस (सीओजी) इंजेक्शन सिस्टम का शुभारंभ भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र द्वारा 11 अक्टूबर 2025 को किया गया।
यह आधुनिक टॉप फायरड कर्टन फ्लेम इग्निशन फर्नेस को 2 से 11 सितंबर 2025 तक संचालित कैपिटल रिपेयर के दौरान सफलतापूर्वक स्थापित किया गया। इस दौरान पुराने साइड बर्नर सिस्टम को हटाकर नया अत्याधुनिक इग्निशन फर्नेस लगाया गया। नए फर्नेस की संपूर्ण डिज़ाइन एवं ड्रॉइंग आरडीसीआईएस की टीम द्वारा तैयार की गई है।
स्थापना और स्टेबलाइजेशन के उपरान्त इस उन्नत प्रणाली ने उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं। गैस की खपत 1250–1300 नॉर्मल घन मीटर/घंटा से घटकर अब 850–900 नॉर्मल घन मीटर/घंटा रह गई है। साथ ही, पेलेट-साइड इग्निशन में भी सुधार हुआ है, जिससे सिंटर की गुणवत्ता में वृद्धि हुई और सिंटर रिटर्न में 1 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, फर्नेस की आयु में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और परिचालन में स्थायित्व लाने की दिशा में, कैपिटल रिपेयर के इसी चरण में कोक ओवन गैस (सीओजी) इंजेक्शन सिस्टम भी शुरू किया गया। इस प्रणाली से सिंटर की गुणवत्ता में सुधार हुआ तथा प्रति टन सिंटर में 1.5 किलोग्राम कोक ब्रीज़ की बचत संभव हुई, जो संयंत्र के लिए ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरणीय स्थिरता दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
इन दोनों प्रणालियों का औपचारिक उद्घाटन निदेशक प्रभारी, श्री चित्त रंजन महापात्र द्वारा किया गया। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (संकार्य)श्री राकेश कुमार एवं तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सिंटर प्लांट्स) श्री अनुप कुमार दत्त भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में मुख्य महाप्रबंधक (आरईडी) श्री प्रोसेनजीत दास, मुख्य महाप्रबंधक (मैकेनिकल) श्री पी. के. सिंह, मुख्य महाप्रबंधक (शॉप्स) श्री हरीश सचदेव, मुख्य महाप्रबंधक (ओएचपी) श्री एस. वर्गीज़ सहित एसपी-3, एसपी-2 एवं केंद्रीय एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। आरडीसीआईएस तथा सेल की अन्य इकाइयों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में ऑनलाइन ज़ूम माध्यम से जुड़े।
दोनों परियोजनाओं का नेतृत्व तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सिंटर प्लांट्स), श्री अनुप कुमार दत्त द्वारा किया गया। परियोजना की तैयारी एवं क्रियान्वयन कार्य में महाप्रबंधक (मैकेनिकल), श्री आई. वी. रामन्ना; उपमहाप्रबंधक (मैकेनिकल), श्री एम. यू. राव; वरिष्ठ प्रबंधक, श्री ओम नमः शर्मा, श्री जितेश शाहनी, श्री विपिन मौर्य; महाप्रबंधक (ऑपरेशन), श्री ए. के. बेडेकर एवं श्री आर. डी. शर्मा; सहायक महाप्रबंधक, श्री विकास पिपरानी; सहायक महाप्रबंधक (इलेक्ट्रिकल), श्री दीपक गुप्ता; वरिष्ठ प्रबंधक (इलेक्ट्रिकल), श्री अरूणेश शर्मा; महाप्रबंधक (स्ट्रक्चरल शॉप), श्री जे. मोटवानी; उपमहाप्रबंधक (आरईडी), श्री जीतेंद्र शर्मा; उपप्रबंधक (आरईडी), श्री एस. भट्टाचार्य; वरिष्ठ प्रबंधक (इंस्ट्रुमेंटेशन), श्री एस. के. पाटिल एवं श्री वी. के. चौधरी; महाप्रबंधक (ईडीडी), श्री मेजी मेजर सिंह; तथा उपमहाप्रबंधक (ईडीडी), श्री देवेंद्र सोनार की सक्रिय भूमिका रही।
इस परियोजना में तकनीकी सहयोग आरडीसीआईएस, रांची की टीम द्वारा प्रदान किया गया, जिसका नेतृत्व महाप्रबंधक, श्री आई. एन. पी. गुप्ता ने किया। उनके साथ महाप्रबंधक, श्री मनीष कुजुर; सहायक महाप्रबंधक, श्री श्याम जी एवं श्री मिथिलेश ने महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग प्रदान किया।



