नवापारा में पानी की किल्लत से हाल बेहाल

Dire situation in Navapara due to water shortage.

सूरजपुर : एक तरफ मानसून में पूरा प्रदेश तरबतर है, दूसरी तरफ सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड की ग्राम पंचायत बेदमी के नवापारा मोहल्ले में 22 परिवार और करीब 60 बच्चे तीन महीने से पानी के लिए मोहताज हैं। मोहल्ले का सोलर ड्यूल पंप तीन महीने से खराब पड़ा है।

ग्रामीणों के अनुसार प्राथमिक शाला के पीछे लगा यही पंप पूरे मोहल्ले और बच्चों के लिए पेयजल का मुख्य स्रोत था। खराब होने के बाद कई बार ग्रामसभा में शिकायत की गई, आश्वासन मिला लेकिन सुधार नहीं हुआ।

सोलर पंप बंद होने से ग्रामीण रामलखन यादव के निजी कुएं पर निर्भर हैं। बारिश के कारण इस कुएं का एक हिस्सा धंस गया है और मिट्टी-मलबा जाने से पानी मटमैला हो गया है। मजबूरी में ग्रामीण इसी पानी को छानकर पी रहे हैं, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

इस संबंध में जनपद पंचायत ओड़गी के सीईओ नीलेश सोनी ने कहा कि समस्या को गंभीरता से लिया गया है। क्रेडा विभाग को सूचित किया जा रहा है, मौके पर निरीक्षण कर खराब पंप को जल्द दुरुस्त कराया जाएगा और तब तक वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।

मासूमों के हाथ में रस्सी-बाल्टी, हर समय हादसे का डर

सबसे चिंताजनक स्थिति बच्चों की है। छोटे-छोटे बच्चे रस्सी-बाल्टी से धंसे हुए कुएं से पानी निकाल रहे हैं। कुएं के मुहाने के धंसने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि पानी भरते समय यदि कोई अनहोनी हुई तो जिम्मेदार कौन होगा?ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल संकट से स्वास्थ्य के साथ बच्चों की पढ़ाई और स्वच्छता भी प्रभावित हो रही है।

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