छत्तीसगढ़

देवेंद्र ठाकुर ने रखी जनपद पंचायत देवभोग में पेयजल एवं स्वच्छता समिति की बैठक 6 नवंबर को

Devendra Thakur organized a meeting of the Drinking Water and Sanitation Committee in the Janpad Panchayat Devbhog on November 6.

देवीचरण ठाकुर गरियाबंद
देवभोग_लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) द्वारा अपने अभिलेखों में विकासखंड के आधे से अधिक ग्राम पंचायतों में नल-जल योजना को पूर्ण बताया गया है। किंतु, कार्य की वास्तविक स्थिति का आकलन करने एवं आगे की कार्यवाही तय करने के उद्देश्य से पेयजल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित की जा रही है।
बैठक में प्रत्येक ग्राम पंचायत के सरपंच भाई-बहनों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है ताकि वे अपने-अपने गांव की वास्तविक स्थिति से अवगत करा सकें तथा इस योजना को बेहतर ढंग से आमजन तक पहुँचाने के उपायों पर चर्चा की जा सके।
बैठक दिनांक 6 नवम्बर 2025, दिन गुरुवार को दोपहर 12 बजे, जनपद पंचायत सभागृह देवभोग में आयोजित होगी।
बैठक की अध्यक्षता देवेंद्र सिंह ठाकुर, सभापति, पेयजल एवं स्वच्छता समिति, जनपद पंचायत देवभोग द्वारा की जाएगी।
मुख्य उद्देश्य:
नल-जल योजना की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन
ग्रामीणों को योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के उपायों पर विचार
ग्राम पंचायतों के सुझाव एवं जमीनी रिपोर्ट के आधार पर सुधार की दिशा तय करना
देवेंद्र सिंह ठाकुर, सभापति जनपद पंचायत देवभोग ने कहा — “नल-जल योजना का असली लाभ जनता तक पहुँचना ही हमारी जिम्मेदारी है”_आगामी 6 नवम्बर को आयोजित पेयजल एवं स्वच्छता समिति की बैठक को लेकर जनपद पंचायत देवभोग के सभापति देवेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि —
“विभागीय रिकार्ड में भले ही नल-जल योजना को पूर्ण बताया गया हो, लेकिन हकीकत गांवों में जाकर ही पता चलती है। कई जगह नल सूखे हैं, पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त हैं या जल आपूर्ति नियमित नहीं है। इसलिए यह बैठक बेहद जरूरी है ताकि जमीनी स्थिति स्पष्ट हो सके।”
उन्होंने आगे कहा_
“हम चाहते हैं कि प्रत्येक ग्राम पंचायत से सरपंच उपस्थित होकर अपने गांव की वास्तविक स्थिति बताएं। जो भी कमियाँ या समस्याएँ हैं, उन्हें दूर करने के लिए ठोस निर्णय लिए जाएंगे। योजना का असली उद्देश्य तभी पूरा होगा जब हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँचे।”
देवेंद्र ठाकुर ने यह भी कहा कि जनपद स्तर पर जनता की समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और किसी भी गांव में पेयजल संकट नहीं रहने दिया जाएगा। विभागीय अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे मौके पर जाकर स्थिति का जायज़ा लें और आवश्यक सुधार करें।

Related Articles

Back to top button