उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर में कांवड़िया विश्राम गृह निर्माण का किया भूमिपूजन, 1.54 करोड़ की लागत से होगा तैयार
Deputy Chief Minister Vijay Sharma performed the ground breaking ceremony for the construction of Kanwariya Rest House at Panchmukhi Budha Mahadev Temple, which will be completed at a cost of Rs 1.54 crore.

कांवड़ियों को उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की बड़ी सौगात
इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, पूर्व संसदीय सचिव डाॅ. सियाराम साहू, पूर्व विधायक श्री योगेश्वर राज सिंह, श्री अशोक साहू, जिला पंचायत सभापति डाॅ. बीरेन्द्र साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष श्री पवन जायसवाल, जनपद उपाध्यक्ष श्री गणेश तिवारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेश राम धुर्वे, श्रीमती विजयलक्ष्मी तिवारी, श्रीमती सतविंदर पाहुजा सहित समस्त पार्षद, जनप्रतिनिधि, श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव सेवा समिति के सदस्य उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान बूढ़ा महादेव न केवल कवर्धा बल्कि संपूर्ण छत्तीसगढ़ की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आस्था का एक प्रमुख केंद्र है। यह स्थल सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र रहा है। प्रत्येक वर्ष पवित्र सावन माह में बड़ी संख्या में कांवड़िये अमरकंटक से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर कठिन एवं दुर्गम मार्गों से पैदल यात्रा करते हुए भगवान बूढ़ा महादेव में जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। कांवड़ियों की इस कठिन तपस्या, अटूट आस्था एवं श्रद्धा को दृष्टिगत रखते हुए उनके विश्राम एवं आवश्यक सुविधाओं के लिए श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर में कांवड़िया विश्राम गृह (डोम) का निर्माण किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं आरामदायक रूप से ठहरने की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के अमरकंटक क्षेत्र में भी कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए शीघ्र ही भूमि भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे छत्तीसगढ़ सहित कवर्धा एवं अन्य जिलों से अमरकंटक जाने वाले कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को वहां ठहरने की बेहतर व्यवस्था मिल सकेगी।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि भोरमदेव क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 146 करोड़ रुपये की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। यह कॉरिडोर उज्जैन एवं बनारस की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जिससे भोरमदेव मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण होने के साथ-साथ श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि नववर्ष के अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की गरिमामयी उपस्थिति में भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम जिलेवासियों के लिए गर्व का विषय है, जो कवर्धा को धार्मिक एवं पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने समस्त नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं से इस ऐतिहासिक अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आग्रह किया।
सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर में कांवड़िया विश्राम गृह (डोम) निर्माण पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत गर्व और आस्था का विषय है। कवर्धा की ख्याति आज पूरे देश में धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से स्थापित हो चुकी है। श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर को श्रद्धालुओं द्वारा ‘छोटा काशी’ के रूप में जाना जाता है। श्री पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर में 24 घंटे चलने वाला राम नाम संकीर्तन भगवान की विशेष कृपा और आशीर्वाद का प्रतीक है, जिससे सम्पूर्ण क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक वातावरण बना रहता है।
पूर्व विधायक श्री योगेश्वर राज सिंह ने कहा कि आज भगवान बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर में कांवड़िया विश्राम गृह (डोम) निर्माण कार्य का शुभारंभ अत्यंत हर्ष का विषय है। अन्य शिवालयों में सामान्यतः एक ही शिवलिंग की पूजा-अर्चना का विधान है, जबकि भगवान पंचमुखी श्री बूढ़ा महादेव मंदिर में एक साथ 25 शिवलिंगों के दर्शन एवं पूजा का पुण्य लाभ प्राप्त होता है।
नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि आज का दिन कवर्धा नगर एवं समस्त श्रद्धालु कांवड़ियों के लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का अवसर है। पवित्र सावन माह में मां नर्मदा का जल लेकर भगवान बूढ़ा महादेव में जलाभिषेक करने आने वाले कांवड़ियों के लिए कांवड़िया विश्राम गृह (डोम) एक बड़ी सौगात है। उन्होंने कहा कि यह वह सुविधा है, जिसका कांवड़ियों को वर्षों से इंतजार था।
सावन माह में कावंडियों को मिलेगी सुविधा
नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह भवन सावन माह के दौरान एक माह तक विशेष रूप से कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगा, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ठहरने की सुविधा मिलेगी। शेष 11 माह यह भवन नगरवासियों के लिए विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजनों के लिए उपलब्ध रहेगा।



