रिपोर्टर, लोकेश्वर सिन्हा
लोकेशन गरियाबंद
गरियाबंद में बेमौसम बारिश ने किसानों की बढ़ाई चिंता, दो दिनों में 448 मिमी बारिश दर्ज ।
गरियाबंद जिले में अर्णव चक्रवात के असर से पिछले दो दिनों से हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिलेभर में धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में लहलहाती और पकने की कगार पर खड़ी धान की फसल बारिश और पानी भरने के कारण जमीन पर बिछ गई है। हालात ऐसे हैं कि अन्नदाताओं को अब अपनी महीनों की मेहनत बर्बाद होने का डर सताने लगा है। आंकड़ों के मुताबिक, गरियाबंद जिले में बीते दो दिनों के दौरान कुल 448 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि औसत बारिश का आंकड़ा 61 मिलीमीटर बताया गया है। इस बेमौसम बारिश का सबसे ज्यादा असर धान की फसल पर देखने को मिल रहा है। खेतों में पानी भरने से तैयार फसल दब गई है। किसानों की चिंता इस बात को लेकर भी है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है। किसानों के मुताबिक, धान की जो बालियां पक चुकी हैं, उनके काली पड़ने और खराब होने की आशंका है। वहीं जिन फसलों में अभी दाने पूरी तरह नहीं पड़े हैं, उनके पकने पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में किसानों के सामने दोहरी परेशानी खड़ी हो गई है। एक तरफ फसल को बचाने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ मौसम की मार ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
मौसम विभाग की ओर से 2 नवंबर तक बारिश की संभावना जताए जाने के बीच किसानों की बेचैनी और बढ़ गई है। इस बीच कृषि विभाग ने भी किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पूरे मामले पर कृषि विभाग के उपसंचालक चंदन कुमार रॉय ने बताया कि बारिश से फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। प्रभावित किसानों को संबंधित फसल बीमा कंपनी को भी नुकसान की जानकारी देने की सलाह दी गई है, ताकि नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके। उन्होंने किसानों से अपील की है कि जिन किसानों ने अभी तक अपनी धान की फसल की कटाई नहीं की है, वे 2 नवंबर तक कटाई से बचें और मौसम की स्थिति को देखते हुए ही आगे का निर्णय लें। फिलहाल गरियाबंद जिले के किसानों की नजर आसमान पर टिकी हुई है। जिन खेतों में कुछ दिन पहले तक धान की सुनहरी बालियां लहलहा रही थीं, वहां अब पानी और जमीन पर बिछी फसल दिखाई दे रही है। किसानों को उम्मीद है कि मौसम जल्द साफ होगा, वरना इस बार की मेहनत और कमाई दोनों पर संकट गहरा सकता है।