साइबर अपराधियों का नया तरीका, WhatsApp DP बदलकर कंपनी से ठगे लाखों रुपए

Cybercriminals use a new method to defraud companies of lakhs of rupees by changing their WhatsApp DP.

भिलाई। भिलाई के प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल कारोबारी समूह साईराम व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। आरोपितों ने कंपनी के डायरेक्टर के पिता की फोटो और डीपी का इस्तेमाल कर वॉटसएप पर फर्जी मैसेज भेजा और अकाउंटेंट को झांसे में लेकर 20 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।

अगले दिन 48 लाख रुपये और मांगने पर ठगी का खुलासा हुआ। मामले में सुपेला थाना पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबर और एचडीएफसी बैंक खाते के धारक के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यश बत्रा (27) ने पुलिस को बताया कि वे साईराम व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। कंपनी के दुर्ग, भिलाई, रायपुर और राजनांदगांव में शोरूम संचालित हैं। सभी शाखाओं के लेन-देन के लिए पिछले 13 वर्षों से मेष पटेल नामक अकाउंटेंट कार्यरत है। कंपनी के डायरेक्टरों और अकाउंटेंट के बीच भुगतान स्वीकृति के लिए वाटसएप ग्रुप भी बना हुआ है। घटना के अनुसार, यश बत्रा के पिता श्रीचंद बत्रा इन दिनों ऑस्ट्रेलिया गए हुए हैं।
फिर से 48 लाख रुपये मांगे थे

21 मई 2026 को दोपहर करीब 3.21 बजे एक अज्ञात मोबाइल नंबर से अकाउंटेंट मेष पटेल के मोबाइल पर मैसेज आया, जिसमें श्रीचंद बत्रा की फोटो और डीपी लगी हुई थी। मैसेज में एचडीएफसी बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए। अकाउंटेंट ने इसे कंपनी डायरेक्टर का निर्देश समझकर पुष्टि की और फिर कंपनी के करंट एसबीआई खाते से शाम करीब 4.55 बजे 20 लाख रुपये बताए गए एचडीएफसी खाते में ट्रांसफर कर दिए।

अगले दिन 22 मई को उसी नंबर से फिर 48 लाख रुपये ट्रांसफर करने का मैसेज आया। इस बार अकाउंटेंट ने यश बत्रा से चर्चा की। यश बत्रा ने अपने पिता से फोन पर संपर्क किया तो पता चला कि उन्होंने किसी प्रकार का भुगतान नहीं मांगा था। इसके बाद पूरे मामले का राजफाश हुआ।

घटना की जानकारी मिलते ही कंपनी ने साइबर पुलिस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और सुपेला थाना पहुंचकर एफआईआर के लिए आवेदन दिया। पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबर तथा एचडीएफसी बैंक खाते के धारक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

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