
रिपोर्टर : सुभाष मिश्रा
रीवा। नशे की तस्करी सहित अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल बदमाश लग्जरी वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो सड़कों पर हवा से बाते हुए करते चलते हैं, लेकिन पुलिस कंडम हो चुके वाहनों के सहारे उनका पीछा करती है। हालत यह है कि पुलिस विभाग के अधिकांश वाहनों की मियाद खत्म हो चुकी है।
नए वाहनों का आवंटन अभी तक नहीं मिला है जिससे कबाड़ वाहनों के भरोसे पुलिस कानून व्यवस्था संभाल रही है। वर्तमान में पुलिस विभाग के पास 223 वाहन है, जिनमें महज 166 वाहन ही ऑन रोड हैं और उनकी हालत ठीक है। इसके अतिरिक्त अन्य वाहन सड़क से बाहर है। पुलिस को जो वाहन आवंटित किए जाते हैं।
ऐसे खटारा वाहनों से पुलिस जांच के लिए फील्ड में दौड़ती है। उनका किमी निश्चित रहता है और उसके बाद वाहनों को कंडम घोषित कर दिया जाता है। अधिकांश वाहनों की मियाद खत्म हो चुकी है लेकिन अभी पुलिस मजबूरी में उन वाहनों को हो रही है। जिले में नए वाहनों का आवंटन एक लंबे समय से रुका है। यही कारण है कि पुलिस विभाग में वाहनों की समस्या गंभीर बनी हुई हैक्या रहती है वाहनों की मियाद पुलिस विभाग को जो वाहन दिए जाते हैं उनकी मियाद किमी के हिसाब लय होती है।
बाइक 1 लाख किमी, फोरव्हीलर वाहन 1.80 किमी, मीडियम वाहन 2 लाख किमी, हैवी वाहन 2.50 लाख किमी तक सड़क में दौड़ सकते हैं। इसके बाद इन वाहनों को कंडम घोषित कर हटा दिया जाता है, लेकिन वर्तमान में स्थिति में अधिकांश वाहन अपनी क्षमता से दो से तीन गुना ज्यादा चल रहे हैं। नए वाहनों के लिए भेजा है प्रस्ताव पुलिस विभाग की ओर से नए वाहनों के लिए प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय भोपाल भेजा गया है, जिसकी स्वीकृति मिलने के बाद जल्द वाहनों का आवंटन होने की उम्मीद जताई जा रही है। वर्तमान में पुलिस विभाग को आधा सैकड़ा नए वाहनों की आवश्यकता है। इनमें लाइट वाहन वाहन 34, मीडियम वाहन 9, हैवी वाहन 7 शामिल हैं।



