छत्तीसगढ़

बाघों के शिकार पर गिरी गाज, अधिकारी सस्पेंड

Crackdown on tiger poaching: Officials suspended.

बीजापुर। इंद्रावती टाइगर रिजर्व में सामने आए बाघ शिकार मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पासेवाड़ा वन परिक्षेत्र के रेंजर कमल कश्यप, डिप्टी रेंजर नरहरि बघेल और बीट गार्ड विश्वनाथ मांझी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग ने प्रथम दृष्टया कर्तव्य में लापरवाही और वन्यजीव संरक्षण संबंधी जिम्मेदारियों के निर्वहन में गंभीर चूक मानते हुए यह कार्रवाई की है।

उप संचालक इंद्रावती टाइगर रिजर्व संदीप बलगा द्वारा जारी आदेश के अनुसार जांच दल की रिपोर्ट और वन परिक्षेत्र अधिकारी पासेवाड़ा की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। जांच के दौरान ग्राम चेतीवाड़ा क्षेत्र में दो वयस्क बाघों के अपघटित अवशेष, एक बाघ की खाल, नाखून, दांत और पूंछ बरामद किए गए। जांच में यह स्थान संरक्षित बीट पेनगुंडा के अंतर्गत पाया गया।

अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

विभागीय जांच में संबंधित क्षेत्र में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के पालन में लापरवाही तथा संरक्षित वन क्षेत्र की प्रभावी निगरानी नहीं किए जाने को गंभीर प्रशासनिक चूक माना गया। इसके बाद विभाग ने पासेवाड़ा रेंजर, डिप्टी रेंजर और बीट गार्ड के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाघ जैसे दुर्लभ वन्यजीवों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निलंबन अवधि में संबंधित कर्मचारियों का मुख्यालय इंद्रावती टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र स्थित सहायक संचालक कार्यालय, बीजापुर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

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