मध्यप्रदेश

नशे के सौदागरों पर सख्ती, पीड़ितों के पुनर्वास पर भी फोकस

Crackdown on drug traffickers; focus also on rehabilitation of victims.

लोकेशन – रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा

डिप्टी सीएम बोले- कोरेक्स-ड्रग्स की गिरफ्त में आई युवा पीढ़ी तो विकास का लाभ बेअसर; संभाग में 18 माह में 1615 आरोपी जेल भेजे

नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई के साथ अब नशे की गिरफ्त में आए लोगों के पुनर्वास पर भी प्रशासन फोकस करेगा। मंगलवार को सर्किट हाउस के नवीन भवन सभागार में नशामुक्त भारत अभियान की समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अधिकारियों को नशे के उत्पादकों और सप्लायरों तक पहुंचकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति केंद्रों को सक्रिय कर नशे से पीड़ित लोगों का समुचित उपचार और पुनर्वास कराया जाए।

 

उप मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को नशे के शिकार लोगों की सूची तैयार कर उन्हें नशामुक्ति केंद्रों में भर्ती कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरेक्स और अन्य नशीले पदार्थों की गिरफ्त में युवा पीढ़ी आई तो विकास के प्रयासों का उद्देश्य प्रभावित होगा। नशे के खिलाफ अभियान में स्वयंसेवी संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों को भी जोड़ा जाए।

 

18 महीने में 1615 नशा तस्कर जेल भेजे

 

रीवा जोन के आईजी गौरव राजपूत ने बताया कि संभाग में पिछले 18 महीनों में नशीले पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई। इस दौरान 1615 आरोपियों को जेल भेजा गया। पुलिस ने 5535 किलो 931 ग्राम गांजा, 97,665 शीशी कोरेक्स और 4,13,310 नशीली टैबलेट-कैप्सूल जब्त किए। इसके अलावा हेरोइन, स्मैक, ब्राउन शुगर और एमडी ड्रग्स भी जब्त की गई।

जब्त नशीले पदार्थों की कुल कीमत 13 करोड़ 17 लाख 39 हजार 600 रुपए बताई गई है। अवैध कारोबार में इस्तेमाल 181 दोपहिया और 131 चारपहिया वाहन भी जब्त किए गए, जिनकी कीमत करीब 10 करोड़ 41 लाख 70 हजार रुपए है।

अवैध शराब के 11,998 केस, 12,199 गिरफ्तार

आईजी के अनुसार संभाग में अवैध शराब के खिलाफ 11,998 प्रकरण दर्ज कर 12,199 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई में 35,890 लीटर अवैध देशी और 22,807 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई। जब्त शराब की कीमत करीब 3.97 करोड़ रुपए बताई गई।

इसी सप्ताह 50 पीड़ितों को नशामुक्ति केंद्र भेजेंगे

कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने बैठक में बताया कि इसी सप्ताह नशे के शिकार 50 लोगों को चिन्हित कर नशामुक्ति केंद्रों में भर्ती कराया जाएगा। कोरेक्स के आदी लोगों के पुनर्वास में स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाएगा।

 

बैठक में नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय, एसपी डॉ. गुरकरन सिंह, एएसपी भावना मरावी, एएसपी संजय मिश्रा, एएसपी राजीव पाठक, संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय अनिल दुबे सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

ट्रैफिक व्यवस्था पर भी निर्देश

बैठक में उप मुख्यमंत्री ने शहर में रात के समय भारी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने तथा चौराहों और व्यस्त सड़कों पर अवैध रूप से खड़े ठेलों को व्यवस्थित कराने के निर्देश भी दिए।

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