वीरपुर पंचायत में भ्रष्टाचार का बोलबाला – कागजों पर दौड़ते विकास कार्य

Corruption is rampant in Veerpur Panchayat – development work is only on paper.

रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा 
रीवा। जवा जनपद की ग्राम पंचायत वीरपुर एक बार फिर सुर्खियों में है। यहां विकास कार्य सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं, जबकि लाखों रुपए की राशि आहरित कर ली गई। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में 30 से 40 लाख से अधिक का घोटाला किया गया है।
सरपंच अनीता राजधर यादव के कार्यकाल में चगडैम निर्माण और बोल्डर बंधान जैसे कामों के नाम पर रकम उठाई गई, लेकिन जमीनी हकीकत में कोई काम नहीं हुआ। विद्यालय की बाउंड्री वॉल का निर्माण आधा-अधूरा छोड़कर कलामपूर्ति कर दी गई।
ग्रामीणों का कहना है कि महिला सरपंच के नाम पर पंचायत संचालन वास्तव में उनके पति राजधर यादव करते हैं, जो ज्यादातर त्योंथर में रहते हैं। ऐसे में पंचायत के काम के लिए ग्रामीणों को या तो उनका इंतजार करना पड़ता है या फिर त्योंथर दौड़ना पड़ता है।
गंदगी का अंबार और फर्जी खर्चे
पंचायत क्षेत्र में गंदगी चारों ओर फैली है। कूड़ा निस्तारण के लिए राशि आहरित कर ली गई, लेकिन गड्ढों का कहीं नामोनिशान नहीं है। नाली निर्माण में भी अमानक कार्य हुआ।
ग्रामीणों ने कई बार जनपद पंचायत से लेकर सीएम हेल्पलाइन 181 तक शिकायतें कीं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिले। अब ग्रामीणों ने जिला पंचायत सीईओ से जांच कर भ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
 स्पष्ट है कि पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार की इस लूट में अधिकारी भी मौन सहमति से शामिल हैं। ग्रामीणों का सवाल है – आखिर कब तक कागजों पर ही विकास दौड़ता रहेगा?
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