छत्तीसगढ़
ग्राम पंचायत कारीडोंगरी में प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार चरम पर, आवास मित्र रागिनी और उनके पति मनोज जायसवाल पर गंभीर आरोप!
Corruption is at its peak in Pradhan Mantri Awas Yojana in Gram Panchayat Karidongari, serious allegations on Awas Mitra Ragini and her husband Manoj Jaiswal!

सीटी रिपोर्टर मुंगेली
मुंगेली । प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत कारीडोंगरी में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि योजना के तहत लाभ पाने वाले कई गरीब हितग्राहियों से धन की अवैध वसूली की गई, और योजना की पारदर्शिता को ठोस रूप से नुकसान पहुंचाया गया।
सबसे चौंकाने वाला मामला हितग्राही बेदुराम यादव का सामने आया है, जिससे कथित तौर पर ₹25,000 की अवैध वसूली मनोज जायसवाल द्वारा की गई। मनोज जायसवाल, आवास मित्र रागिनी जायसवाल के पति हैं, जबकि स्वयं किसी अधिकृत पद पर नहीं हैं। इसके अलावा, एक अन्य महिला निशा से ₹1,000 की मांग की गई, और दुजराम पटेल से ₹10,000 की मांग का भी खुलासा हुआ है।

भ्रष्टाचार की पोल फर्जी बिलों से खुली
यह घोटाला तब और उजागर हुआ जब मां कल्याणी केंद्र के संचालक मुकेश जायसवाल ने यह स्वीकार किया कि फर्जी बिल बनाए गए और उन्हें बैक डेट में काटने की बात कही गई। इससे यह साफ हो गया कि योजना के तहत लाभार्थियों को लाभ देने के बजाय उनसे अवैध वसूली की जा रही थी और सभी दस्तावेजों को फर्जी तरीके से तैयार किया गया।

यूट्यूब चैनलों के माध्यम से सच्चाई को दबाने की कोशिश
इस पूरे प्रकरण में मनोज जायसवाल पर यह भी आरोप है कि उन्होंने कुछ यूट्यूब पत्रकारों से मिलकर फर्जी वीडियो और बयान प्रसारित करवाए, जिनमें उन्होंने खुद को “आवास मित्र” बताते हुए अपनी सफाई दी। जबकि वास्तविकता यह है कि वह इस पद पर नहीं हैं, बल्कि उनकी पत्नी रागिनी जायसवाल ही इस पद पर कार्यरत हैं।

राष्ट्रीय मीडिया और स्थानीय पत्रकारों को बदनाम कर, फर्जी खबरों के माध्यम से खुद को बेगुनाह साबित करने की कोशिश की गई, जो न केवल पत्रकारिता के मूल्यों का अपमान है, बल्कि देश के चौथे स्तंभ को बदनाम करने का प्रयास है।
ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों द्वारा प्रशासन से मांग की जा रही है



