रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
जवा तहसील अंतर्गत दिव्यगवां स्थित भगवान बिरसा मुंडा शासकीय महाविद्यालय में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. दिनेश कुमार यादव पर भूमि हेराफेरी, वित्तीय भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार, मध्यप्रदेश शासन द्वारा कॉलेज निर्माण के लिए 5 एकड़ 26 डिसमिल भूमि आवंटित की गई थी, लेकिन सिर्फ 3 एकड़ पर ही बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया गया। आरोप है कि प्राचार्य ने स्थानीय अतिक्रमणकारियों और दलालों से साठगांठ कर सरकारी भूमि का हिस्सा बचा लिया, जिससे शासन और उच्च शिक्षा विभाग दोनों के साथ धोखाधड़ी हुई है।
राजस्व विभाग की भूमिका पर भी सवाल
जानकारी के मुताबिक, भूमि सीमांकन में राजस्व विभाग की लापरवाही के चलते कॉलेज की शेष भूमि पर कब्ज़े और खरीद-फरोख्त जैसी गतिविधियाँ तेज़ हो गईं।
कई पूर्व छात्र और स्थानीय दलाल भी कथित रूप से इस हेराफेरी में शामिल बताए जा रहे हैं।
वित्तीय गड़बड़ी और नियमों का उल्लंघन
डॉ. यादव पर केवल भूमि घोटाले के नहीं, बल्कि वित्तीय अनियमितता और विश्वविद्यालय आदेशों की अवहेलना के भी आरोप हैं। सूत्रों का कहना है कि कॉलेज निर्माण, बाउंड्रीवॉल और अन्य प्रशासनिक निर्णयों में अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर निर्णय लिए गए, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है।
इन कारणों से कॉलेज में शैक्षणिक माहौल और छात्रों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ा है।
जांच रिपोर्ट में पुष्टि, फिर भी कार्रवाई नहीं
प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट में भी कई नियमों के उल्लंघन की पुष्टि की जा चुकी है, बावजूद इसके डॉ. यादव अब भी पद पर बने हुए हैं।
इससे कॉलेज में असंतोष और अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है।
छात्र और स्टाफ दोनों वर्तमान प्रशासन से नाराज़ हैं, कई विभागों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
कार्रवाई की मांग, मंत्री को भेजा गया पत्र
कुंवर पुष्पेंद्र सिंह ने उच्च शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि छात्रों के हित और संस्थान की छवि बचाने के लिए डॉ. यादव को तत्काल पद से हटाया जाए और नए प्राचार्य की नियुक्ति की जाए।
पत्र में डीपीसी और विश्वविद्यालय आदेशों के उल्लंघन का भी उल्लेख किया गया है।
विधायक दिव्यराज सिंह ने उठाया मुद्दा
जवा क्षेत्र के विधायक दिव्यराज सिंह ने इस मामले को विधानसभा में उठाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने कहा कि “छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
