लोकेश्वर सिन्हा, गरियाबंद
गरियाबंद। गरियाबंद में पीएम आवास के नाम पर फर्जीवाड़े का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब आवास योजना के तहत निर्माण के लिए मिलने वाले मनरेगा राशि में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आए है। आज इस मामले को लेकर लगभग 40 से 50 ग्रामीण गरियाबंद कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचे लिखित आवेदन देते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है।
वही जिलाधीश ने आए हुए लोगों को अवगत कराते हुए कहा इस संबंध में शिकायत के बाद जांच टीम आपके ग्राम लफंदी भेज दी गई है आप लोग वहां जाएं और शिकायत सही मिलने पर तत्काल दोषी पर कार्यवाही की जाएगी ।
मामला लफंदी ग्राम पंचायत का है। यहां आवास हितग्राहियों को निर्माण के लिए मिलने वाले 25 हजार रुपए में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। आवास निर्माण में मजदूरों मस्टरोल भरने वाले रोजगार सहायक ने 40 हितग्राहियों के 4लाख से ज्यादा मजदूरी राशि बोगस मजदूरों के नाम एंट्री कर आहरण करवा लिया है। आवास हितग्राहियों ने जब ऑनलाइन मजदूरों की सूची निकाली तो गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। इस खुलासे का बाद पंचायत के लोगों ने बैठक कर तत्काल कार्यवाही करने हेतु उच्च अधिकारियों से मिलने की बात कहते हुए आज जन दर्शन में कलेक्ट्रेट पहुंचे कलेक्टर से अपनी शिकायतें की
वही कलेक्टर ने कहा जांच की जा रही है जल्द ही परिणाम आ जाएंगे दोषियों को किसी भी स्थिति में बक्सा नहीं जाएगा ।
गरियाबंद में इससे पहले भी जिले अधूरे आवास को पूर्ण बताने बोगस जियो टैगिंग, आवास मंजूरी के लिए रुपयों की मांग जैसे मामले सामने आ चुके हैं।
