चैन माउंटेन से लगातार रेत का अवैध उत्खनन

Continuous illegal sand mining from Chain Mountain

धमतरी। जिले के दर्री, अमेठी, कोलियारी और कलारतराई में रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। अवैध उत्खनन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। पिछले दिनों ग्रामीणों ने खदान पहुंचकर हंगामा भी किया था। आरोप है कि सफेदपोश नेताओं के दबाव के चलते खनिज विभाग कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला खनिज विभाग नेताओं के संरक्षण वाली रेत खदानों में कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। रेत खदान दर्री ग्रामीणों के लिए मौत का कुआं है।

छोटे बच्चों के लिए हमेशा खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद यहां चैन माउंटेन से लगातार रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। अमेठी, कोलियारी और कलारतराई में रेत का अवैध उत्खनन लगातार किया जा रहा है।

क्षेत्र के ग्रामीण महानदी बचाने के लिए लगातार विरोध व प्रदर्शन भी कर रहे हैं, लेकिन सफेदपोश नेताओं के संरक्षण के कारण जिला खनिज विभाग इन क्षेत्रों के रेत खदानों में कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।

सहायक खनिज अधिकारी सुभाष साहू से मिली जानकारी के अनुसार पिछले दो दिनों के दौरान जिला खनिज विभाग की टीम द्वारा अवैध रेत कारोबारियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की गई है। 13 जनवरी को तहसील मगरलोड अंतर्गत ग्राम बुढ़ेनी स्थित महानदी से अवैध रूप से रेत खनन कर परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर को जब्त किया गया।

साथ ही नदी से अवैध रेत उत्खनन के लिए बनाए गए रैंप को तत्काल नष्ट कर दिया गया, जिससे भविष्य में अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

14 जनवरी को तहसील मगरलोड के ग्राम करेलीछोटी में मध्य रात्रि के दौरान की गई कार्रवाई में अवैध रेत भंडारण में संलिप्त एक जेसीबी मशीन एवं हाईवा वाहन को जब्त किया गया है। इस दौरान रात्रिकालीन चेकिंग अभियान के तहत लगभग 60 हाईवा वाहनों की जांच की गई, जिसमें रेत परिवहन से संबंधित सभी वैध दस्तावेज सही पाए गए।

अवैध रेत भंडारण एवं परिवहन में संलिप्त वाहनों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम की धारा 21 के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई में खनिज निरीक्षक जितेन्द्र चंद्राकर तथा खनिज सिपाही का भी योगदान रहा।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा का कहना है कि जिले में खनिज संसाधनों के संरक्षण एवं अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज विभाग द्वारा सतत एवं सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि शासकीय राजस्व की हानि को रोका जा सके एवं पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

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