रायपुर। छत्तीसगढ़ में बढ़ते बिजली बिल, स्मार्ट मीटर और बिजली दरों में बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस का तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी आंदोलन आज से शुरू हो रहा है। अभियान के पहले दिन प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रेस वार्ता कर भाजपा सरकार को घेरेंगे और महंगी बिजली को बड़ा जन मुद्दा बनाएंगे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आंदोलन की रूपरेखा जारी करते हुए कहा कि, प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को लगातार अधिक बिल मिल रहे हैं। स्मार्ट मीटर और बढ़ी हुई बिजली दरों ने आम लोगों का मासिक बजट बिगाड़ दिया है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर अब प्रदेशभर में जनता के बीच जाएगी।
बैज ने कहा कि, पिछले कई महीनों से कांग्रेस महंगी बिजली और स्मार्ट मीटर के खिलाफ लगातार आंदोलन कर रही है। अब इसे चरणबद्ध प्रदेशव्यापी अभियान का रूप दिया गया है, ताकि हर जिले से सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
पहले दिन प्रेसवार्ता से होगी शुरुआत
अभियान के पहले दिन प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रेसवार्ता करेंगे। इसमें महंगी बिजली, बढ़े हुए बिजली बिल, स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को हो रही परेशानियों और कांग्रेस की आगामी रणनीति को सामने रखा जाएगा। पार्टी का कहना है कि इस अभियान के जरिए जनता के बीच सरकार की बिजली नीति को मुद्दा बनाया जाएगा।
दूसरे दिन घर-घर पहुंचेगी कांग्रेस
कांग्रेस के कार्यक्रम के अनुसार, 2 अगस्त को कार्यकर्ता घर-घर जाकर बिजली उपभोक्ताओं से संपर्क करेंगे। इस दौरान महंगे बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के खिलाफ आवेदन भी भरवाए जाएंगे। पार्टी का दावा है कि इन आवेदनों के जरिए उपभोक्ताओं की शिकायतें सरकार तक पहुंचाई जाएंगी।
3 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास का घेराव
अभियान के अंतिम दिन 3 अगस्त को प्रदेशभर से कांग्रेस कार्यकर्ता रायपुर पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। पार्टी का दावा है कि इसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और बिजली उपभोक्ता शामिल होंगे।
बैज ने कहा कि कांग्रेस जनता की आवाज बनकर यह लड़ाई लड़ रही है। यदि सरकार बिजली दरों में राहत नहीं देती और बढ़े हुए बिजली बिलों की समस्या का समाधान नहीं करती, तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा।
कांग्रेस का 3 दिन का कार्यक्रम
1 अगस्त: सभी जिला मुख्यालयों में जिला कांग्रेस अध्यक्षों की प्रेसवार्ता।
2 अगस्त: घर-घर जनसंपर्क, महंगे बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के खिलाफ आवेदन अभियान।
3 अगस्त: रायपुर में मुख्यमंत्री निवास का घेराव।
