कांग्रेस के ही पार्षदों ने अपने ही पार्टी के नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ लाया अविश्वास प्रस्ताव

रिपोर्टर : किशोर कुमार रामटेके
किरंदुल। दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल नगर पालिका परिषद आए दिन चर्चा में बना रहता है। एक बार फिर से सुर्खियों में आ गई है।
आपको बता दे की नगर पालिका परिषद किरंदुल में 2019 के निकाय चुनाव में कांग्रेस ने बहुमत हासिल की थी और मृणाल राय को अध्यक्ष नियुक्त किया था, जिनका 4 साल के कार्यकाल में कई भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। 8 जनवरी 2024 को कांग्रेस के ही पार्षदों ने अपने ही पार्टी के नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ कलेक्टर महोदय को अविश्वास प्रस्ताव लाया है। 2023 के विधानसभा चुनाव को हारने के बाद किरंदुल में कांग्रेस की स्थिति बहुत ही दयानी हो गई है।
कांग्रेसी पार्षदों का अपने ही अध्यक्ष के खिलाफ इस तरह अविश्वास प्रस्ताव लाने से पार्टी की गुटबाजी साफ तौर पर देखी जा सकती है। वही सभी पार्षदों का कहना है कि नगर पालिका अध्यक्ष मृणाल राय का कार्यकाल बहुत ही खराब रहा, जिसके कारण हम उनसे नाराज होकर यह अविश्वास प्रस्ताव ला रहे हैं। इस वक्त नगर पालिका में कांग्रेस के 12 पार्षद भाजपा के 4 पार्षद सीपीआई एक पार्षद और निर्दलीय एक पार्षद है।
कांग्रेस के पास 12 पार्षद होने के बाद भी इस तरह से नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ बगावत करना मोदी जी के नारे को जमीनी स्तर पर सच होता दर्शाता है। कांग्रेस हटाओ देश बचाओ मानो ऐसा लग रहा है मोदी जी का यह नारा है। किरंदुल नगर पालिका में पूरी तरह से हावी हो गया है।



