छत्तीसगढ़

पदोन्नति नियमों में भ्रम, शिक्षक संघ ने किया बड़ा खुलासा

Confusion over promotion rules; teachers' union makes major revelation.

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने जिला शिक्षा अधिकारी सरगुजा को प्रांतीय उपाध्यक्ष मुकेश मुदलियार व जिला अध्यक्ष कमलेश सिंह क़े नेतृत्व में 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।

शिक्षा विभाग द्वारा पदोन्नति में शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता को लेकर सामने आ रहे निर्देशों के बीच सरगुजा जिले के शिक्षकों में भी असमंजस की स्थिति निर्मित हो गई है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, जिला सरगुजा ने इस विषय को प्रमुखता से उठाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपे गए 10 सूत्रीय ज्ञापन में पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार रिक्त पदों पर पदोन्नति किए जाने की मांग की है।

जिला अध्यक्ष कमलेश सिंह ने कहा कि सरगुजा जिले में बड़ी संख्या में शिक्षक लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में टीईटी के नाम पर यदि पदोन्नति प्रक्रिया प्रभावित होती है तो वर्षों से सेवा दे रहे वरिष्ठ शिक्षकों के हित प्रभावित होंगे। उन्होंने विभाग से अनुरोध किया कि वर्तमान प्रचलित भर्ती एवं पदोन्नति नियमों का परीक्षण कर स्थिति स्पष्ट की जाए तथा वरिष्ठता के आधार पर पात्र शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए।

ज्ञापन में टीईटी और पदोन्नति को दी गई सर्वोच्च प्राथमिकता

जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपे गए 10 सूत्रीय ज्ञापन में एसोसिएशन ने सबसे प्रमुख रूप से मांग की है कि लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर के निर्देशानुसार पूर्व प्रचलित नियमों के तहत बिना टीईटी परीक्षा की नई बाध्यता के रिक्त पदों पर पदोन्नति की जाए।

प्रांतीय उपाध्यक्ष मुकेश मुदलियार ने कहा है कि यदि शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए वर्ष 2028 तक का समय दिया गया है, तो 2028 से पहले होने वाली पदोन्नति प्रक्रिया में टीईटी के नाम पर वरिष्ठ शिक्षकों को पदोन्नति से अलग रखना उचित नहीं होगा। विभाग से अनुरोध किया गया है कि इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, जिससे शिक्षकों के बीच असमंजस समाप्त हो और भविष्य में किसी प्रकार की न्यायिक अथवा प्रशासनिक जटिलता उत्पन्न न हो।

एसोसिएशन के 10 सूत्रीय ज्ञापन में पदोन्नति के अलावा पदोन्नति प्रक्रिया एवं आगामी चरणों की जानकारी सार्वजनिक करने, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों का संचालन पूर्व की भांति प्रातःकालीन समय में करने, परामर्शदात्री समिति की नियमित बैठक आयोजित करने तथा वीएसके ऐप में नेटवर्क एवं तकनीकी समस्या के कारण उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाने से उत्पन्न समस्याओं का निराकरण करने की मांग भी की गई है।

इसके साथ ही शासन के निर्देशानुसार पदोन्नति में दिव्यांग कर्मचारियों को आरक्षण देने, शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण के लिए शिविर आयोजित करने, जनगणना एवं चुनाव जैसे शासकीय कार्यों के एवज में अर्जित अवकाश का सेवा पुस्तिका में इंद्राज करने, तथा शिक्षकों के विभिन्न लंबित एरियर्स का शीघ्र भुगतान करने का भी अनुरोध किया गया है।

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