23 जून से लापता के मिले जंगल में कपड़े, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

कपड़ों के आप पास मिली हड्डियां, गढ़ी चौकी में दिखाई थी परिजनों ने गुम शुदगी की सूचना, पुलिसिंग की खुली पोल, दिन भर आला अधिकारी रहे नदारद
रीवा @ सुभाष मिश्रा। वैसे तो आमजन मानस में पुलिस की छवि पहले से ही अच्छी नहीं है उसपर पुलिस की संवेदन हीनता और कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही कोढ़ में खाज की कहावत चरितार्थ कर रही है। ऐसा ही एक मामला पनवार थाना अंतर्गत राजस्व ग्राम छदहना के उत्तरी छोर पर काश्त के जंगल से सामने आया। जहाँ 23 जून से लापता लगभग 50 वर्ष के अधेड़ आदिवासी के कपड़े आदि उसके रिश्ते के मौसेरे भाई द्वारा पहचाने गए और लोगों को सूचित किया गया।
एक जुलाई की सुबह लगभग 10 बजे छेदी लाल कोल निवासी ग्राम डोंडौ द्वारा बदबू के कारण गजराज सिंह की खखरी के अंदर जाकर देखा गया तो सिर का कंकाल और यहाँ वहाँ बिखरी हड्डियां मिलीं। वही अलग अलग जगहों पर दोनो जूते मिले। कपड़े पीने के पानी का बाटल लकड़ी काटने की छोटी टांगी मिली जो परिजनो के अनुसार लापता ब्यक्ति की है। लोगों ने 100 डायल के साथ साथ पुलिस अमले को सूचित किया जिसपर पहले 100 डायल फिर गढ़ी चौकी से पुलिस पहुंची। जवा थाने से उप निरीक्षक बी पी वर्मा प्रदान आरक्षक अनंत तिवारी एवं अन्य आरक्षक मौके पर पहुंचे। लगभग शाम पांच बजे जनेह थाना प्रभारी अनुराग अवस्थी स्थल पर पहुंचे लेकिन एसडीओपी डभौरा या त्योंथर नहीं पहुंच सके। मौके पर पहुंचे त्योंथर विधायक श्यामलाल द्विवेदी ने दुःख और आक्रोश में डूबे परिजनों एवं ग्रामीणों को ढाढ़स बंधाया और उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। श्री द्विवेदी ने एसडीओपी द्वय से दूरभाष पर आग्रह किया की मौके पर पहुँच कर उचित कार्यवाही करें एवं परिजनों को आश्वस्त करें।
परिजनों का आरोप लगाया पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न — परिजनों के अनुसार अगर मृतक पन्नालाल कोल पिता मैसूर कोल निवासी बरौं ( टंगहा ) थाना जनेह 23 जून की सुबह 6 बजे डोरी बीबने को कहकर घर से निकला और रात को भी घर नहीं लौटा तो सुबह डोंडौ में पता किया गया कोई सुराग न मिलने पर गढ़ी चौकी जाकर लापता की सूचना दर्ज कराई गई। लेकिन पुलिस कोई हरकत करने के बजाय परिजनों को कहा कि खोजो और मिल जाने पर सूचित करना।
परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस हरकत में होती तो शायद पन्नालाल की जान बच सकती थी।



