छत्तीसगढ़
बासिन गांव में प्रदूषण का दावा निकला भ्रम, जांच में फैक्ट्री को मिला NOC
Claims of pollution in Basin village turned out to be a myth, factory gets NOC after investigation

लोकेशन नानकट्ठी जिला दुर्ग
रिपोर्टर जस्सू
दुर्ग । दुर्ग जिले के ननखट्टी से लगे ग्राम बासीन में एक फैक्ट्री पर जल और वायु प्रदूषण फैलाने के आरोपों की सच्चाई सामने आ गई है। गांव में वायरल हुए एक फेक वीडियो के आधार पर कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए गए थे, लेकिन जब मीडिया टीम मौके पर पहुंची तो स्पष्ट हुआ कि कुछ शरारती तत्वों ने जानबूझकर भ्रामक वीडियो बनाकर ग्रामीणों में गलतफहमी फैलाने की कोशिश की थी जिसकी शिकायत के बाद क्षेत्रीय कार्यालय 32 बंगले स्थित वायु प्रदूषण विभाग की टीम ने स्थल निरीक्षण किया। जांच में न तो किसी प्रकार का धुआं पाया गया और न ही जल या वायु प्रदूषण के सबूत मिले। इस दौरान विभाग ने फैक्ट्री को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर दिया। गौरतलब है कि तवक्कल मेटल्स द्वारा संचालित यह इकाई लोहे की खरीद-बिक्री का कार्य करती है, और जांच में टायर या बैटरी जलाने जैसे किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं हुई। वही स्थानीय ग्रामीणों व पूर्व सरपंच और वर्तमान सरपंच प्रतिनिधि प्रमोद साहू ने भी बताया कि फैक्ट्री में प्रदूषण जैसा कोई मामला नहीं है और वीडियो पूरी तरह फर्जी था। बिना किसी से जानकारी लिए दूसरे ग्राम के लोगों ने ना जाने किस मकसद से ये भ्रम फैलाया और ना ही मुझसे जानकारी लेने की कोशिश की वही ग्रामीणों का कहना है कि कुछ लोगों ने राजनीतिक उद्देश्य से शिकायत कर गांव में अनावश्यक भ्रम पैदा किया था वहीं अब इस मामले के बाद अब की वास्तविक स्थिति साफ हो चुकी है। देखिए क्या कहा फैक्ट्री संचालक, स्थानीय ग्रामीण और पूर्व सरपंच ने।


