चिराग का ऐलान- छत्तीसगढ़ में चुनाव लड़ेगी LJP
Chirag's announcement: LJP to contest elections in Chhattisgarh.

रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजनीति में अब लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) अपनी मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी में है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि LJP (रामविलास) छत्तीसगढ़ में भी चुनाव लड़ेगी।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ उन राज्यों में शामिल है, जहां उनके पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के समर्थक बड़ी संख्या में रहे हैं। छत्तीसगढ़ में पार्टी का संगठन भी मजबूत है। ऐसे में पार्टी अब यहां अपनी राजनीतिक और चुनावी सक्रियता बढ़ाएगी।
चिराग पासवान ने कहा कि LJP (रामविलास) छत्तीसगढ़ में संगठन को और मजबूत करने के साथ आगे बढ़ने की दिशा में काम करेगी। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि वह आएं और अपनी पार्टी चुनाव में उतारें।
चिराग बोले- संगठन की स्थिति भी यहां मजबूत
दरअसल, केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान रविवार दोपहर रायपुर पहुंचे। एयरपोर्ट से वे सीधे जेल रोड स्थित मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित युवा संवाद 2026 कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने युवाओं से संवाद किया।
इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ में पार्टी के विस्तार की वजह बताते हुए अपने पिता रामविलास पासवान से जुड़े पुराने जनसमर्थन का हवाला दिया। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ में उनके पिता के समर्थकों की संख्या काफी रही है और पार्टी के संगठन की स्थिति भी यहां मजबूत है।
चिराग पासवान ने कहा कि इसी आधार पर पार्टी राज्य में अपनी गतिविधियां बढ़ाने और चुनावी राजनीति में उतरने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा उन्होंने युवाओं के साथ संवाद जरूरी बताया। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर चिराग पासवान ने कहा कि वहां पार्टी की भूमिका अभी तय होना बाकी है।
उन्होंने नागालैंड का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एलजेपी के दो विधायक हैं, लेकिन पार्टी ने गठबंधन से अलग होकर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। यूपी में भी हम तैयार हैं।
चिराग का भाजपा से भरोसा उठ चुका है- कांग्रेस
कांग्रेस पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि भाजपा गठबंधन में शामिल चिराग पासवान छत्तीसगढ़ आते हैं। केंद्रीय मंत्री हैं और छत्तीसगढ़ में चुनाव लड़ने की बात कहते हैं। इसका साफ मतलब है कि भाजपा से उनके एलायंस पार्टनर का भरोसा उठ चुका है।



