कलेक्टर से दीपावली का उपहार पाकर खिले बच्चों के चेहरे
Children's faces lit up after receiving Diwali gifts from the Collector.

रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
कठिनाइयों का बहादुरी से सामना करने वाले सदैव सफल होते हैं – कलेक्टर

रीवा। कोविड महामारी के प्रकोप से कई बच्चों ने अपने माता-पिता को खो दिया। रीवा जिले में कोविड से बेसहारा हुए 282 बच्चों को प्रधानमंत्री केयर तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से हर माह पाँच हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कलेक्ट्रेट के बाणसागर सभागार में 5 पीड़ित बच्चों से भेंट कर उन्हें दीपावली का उपहार प्रदान किया। कलेक्टर के आशीर्वाद और उपहार से बच्चों के चेहरे खिल उठे।
बच्चों से संवाद करते हुए कलेक्टर श्रीमती पाल ने कहा कि “आप सबने बड़ी बहादुरी से जीवन के कठिन समय का सामना किया है। कठिनाइयों का बहादुरी से सामना करने वाले सदैव सफल होते हैं।” उन्होंने कहा कि आप सभी पूरी मेहनत से अपनी शिक्षा पूरी करें और अपने सपनों को साकार करें। पीएम केयर फंड से मिलने वाली राशि से स्टार्टअप और स्वरोजगार की गतिविधियाँ संचालित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें। हर माह मिलने वाली राशि का सदुपयोग करें, बहादुर व्यक्तियों की मदद भगवान भी करते हैं।
कलेक्टर ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि आप सब पूरे उल्लास और उमंग के साथ दीपावली का त्यौहार मनाएँ। शिक्षा और करियर में किसी भी तरह की सहायता या मार्गदर्शन के लिए कभी भी हमारे पास आ सकते हैं। उन्होंने प्रत्येक बच्चे से उनकी शिक्षा व्यवस्था और पारिवारिक स्थिति के संबंध में जानकारी ली।
जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, नयन सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से अनुज शुक्ला, प्रियांशी शुक्ला तथा वैष्णवी मालवीय को हर माह सहायता राशि दी जा रही है। वहीं पीएम केयर फॉर चिल्ड्रेन स्कीम से अक्षय द्विवेदी और रिया मिश्रा को हर माह पाँच हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। यह सहायता 18 वर्ष की आयु तक मिलेगी।
उन्होंने बताया कि जिले के कुल 282 बच्चों को सितम्बर माह तक की सहायता राशि का भुगतान किया जा चुका है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी इन बच्चों और उनके अभिभावकों से नियमित रूप से संपर्क कर उनकी स्थिति की जानकारी लेते हैं।



