मैनपुर में जान जोखिम में डालकर अधूरा पुल पार कर रहे बच्चे, स्कूल जाने के लिए 20 फीट ऊंची सीढ़ी का सहारा, 5 साल से अधूरा पड़ा देहारगुड़ा, खामभाठा पुल

Children in Mainpur risk their lives crossing an incomplete bridge; they rely on a 20-foot-high ladder to get to school, as the Deharguda-Khambhatha bridge has remained unfinished for five years.

लोकेश्वर सिन्हा 

गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लाक में पैरी नदी के पास देहारगुड़ा, खामभाठा के बीच बन रहा पुल वर्षों बाद भी पूरा नहीं हो सका है। बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद स्कूली बच्चों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और उन्हें अधूरे पुल के हिस्से से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। बच्चे स्कूल बैग लेकर करीब 20 फीट ऊंची लोहे की सीढ़ी से चढ़ते-उतरते नजर आ रहे हैं। नीचे नदी और निर्माणाधीन पुल का ढांचा होने के कारण यह रास्ता कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण में देरी को लेकर पहले भी अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है और निरीक्षण के दौरान काम में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन अब तक पुल पूरा नहीं हुआ। लगातार परेशानी से नाराज ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द पुल निर्माण पूरा कराने और बच्चों के लिए सुरक्षित रास्ते की व्यवस्था करने की मांग की है। समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों ने NH-130C पर आंदोलन और चक्काजाम करने की चेतावनी दी है।

 

 

 

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