मुख्यमंत्री ने झीरम को जानबूझ कर राजनीतिक विषय बनाया है : अजय चंद्राकर

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता अजय चंद्राकर ने कहा है कि झीरम घाटी नरसंहार मामला राजनीतिक स्वार्थ-साधन का विषय नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे राजनीतिक विषय बनाकर रख दिया है। श्री बघेल अपनी ही पार्टी के शहीद नेताओं की शहादत और उनके परिजनों भावनाओं का अपमान और दोहन कर रहे हैं।

भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री श्री चंद्राकर ने कहा कि झीरम घाटी का नरसंहार राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय नहीं है। मुख्यमंत्री बघेल जब विपक्ष में थे तो हमेशा कहा करते थे कि ‘झीरम के सबूत मेरी जेब में हैं।’ उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी कवासी लखमा इस जघन्य नरसंहार के प्रत्यक्षदर्शी हैं। श्री चंद्राकर ने कहा कि किसी के न्यायालय जाने, किसी एजेंसी के जांच नहीं करने, सीबीआई से लेकर न्यायिक जांच आयोग, एनआईए, एसआईटी से यदि किसी परिणाम तक नहीं पहुंचा जा रहा है तो मुख्यमंत्री बघेल को झीरम घाटी की जांच के लिए अलग कानून उसी तरह बना लेना था जैसे चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज के अधिग्रहण के लिए कांग्रेस सरकार ने कानून बनाया था। इस प्रकार झीरम के शहीद नेताओं के परिजनों को त्वरित न्याय दिलवाना था।

भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता श्री चंद्राकर ने इस बात पर गहरा अफसोस जाहिर किया है कि शहीदों के सम्मान और उनके परिजनों को इंसाफ दिलाने के विषय को राजनीतिक बनाकर मुख्यमंत्री बघेल अपनी ही पार्टी के शहीदों के परिजनों का भावनात्मक शोषण कर रहे हैं। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को गुमराह करने राजनीतिक औजार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। श्री चंद्राकर ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल के पास सारे सबूत हैं, उनके एक मंत्री घटना के प्रत्यक्षदर्शी हैं, किसी भी एजेंसी और संघीय सरकार पर यदि उन्हें भरोसा नहीं है तो वह नया कानून विधानसभा में ले आएँ और निश्चित अवधि में झीरम घटना की जांच करवाएँ।

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