वीरता पदक विजेताओं के लिए नई योजनाओं पर मंथन करेगी छत्तीसगढ़ सरकार

Chhattisgarh government will brainstorm on new schemes for gallantry medal winners.

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने गुरुवार को विधानसभा में घोषणा की कि राज्य में निवासरत राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित सेना और पुलिस पदक विजेताओं को नई सुविधाएँ देने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने यह बात भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो के प्रश्न के जवाब में कही।

प्रश्नकाल के दौरान रामकुमार टोप्पो ने जानना चाहा कि छत्तीसगढ़ में वीरता पुरस्कारों के तहत कितनी आर्थिक सहायता दी जाती है और राष्ट्रपति वीरता पदकों के चयन का अधिकार किसके पास है। इसके जवाब में गृहमंत्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि इन पदकों का चयन केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है।

उन्होंने आगे बताया कि उनके लिखित उत्तर में पुलिस कर्मियों के लिए दिए जाने वाले दो प्रमुख पुरस्कार—राष्ट्रपति पुलिस पदक और पुलिस पदक—का उल्लेख नहीं हो पाया था, जबकि ये भी प्रदान किए जाते हैं। इस पर टोप्पो ने सवाल उठाया कि क्या ये पदक छत्तीसगढ़ में लागू नहीं होते, जिस पर मंत्री ने कहा कि उत्तर केवल पूछे गए प्रश्न के अनुरूप दिया गया था।

गृहमंत्री ने बताया कि राष्ट्रपति पुलिस पदक पाने वाले को प्रति माह 6000 रुपये, पुलिस पदक विजेताओं को 2000 रुपये और छत्तीसगढ़ शौर्य पदक प्राप्त करने वालों को 1500 रुपये प्रतिमाह आजीवन दिए जाते हैं। यह राशि वेतन में जोड़कर दी जाती है, जबकि एकमुश्त भुगतान का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जा सकता है।

रामकुमार टोप्पो ने पदक विजेताओं के लिए अतिरिक्त सुविधाओं जैसे भूमि आवंटन, बिजली बिल में छूट, बस किराए में रियायत, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ, बच्चों की शिक्षा और संपत्ति खरीद में राहत देने का भी प्रस्ताव रखा। इस पर गृहमंत्री ने कहा कि इन सभी सुझावों पर टोप्पो के साथ बैठक कर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

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