बिलासपुर। कोटा क्षेत्र के बेलगहना में रहने वाली बालकुंवर बसोर ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी और जमीन वापस पाने के लिए पुलिस से लेकर अधिकारियों तक गुहार लगाई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से निराश होकर अब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। महिला का आरोप है कि उसके दूर के रिश्तेदार ने छलपूर्वक उसके बैंक खाते से 23 लाख रुपये निकाल लिए और करीब 6.50 एकड़ जमीन भी अपने नाम करा ली।
बेलगहना में रहने वाली बालकुवर बसोर पति स्व. गंगाराम बसोर ने आइजी कार्यालय में दिए आवेदन में बताया कि केंदा निवासी फागुन प्रजापति पिता हरिसिंह उनके बेटे की मौत के बाद रिश्तेदार होने के कारण घर आता-जाता था।
महिला के अनुसार 14 दिसंबर 2021 को फागुन ने कहा कि उनका पेंशन खाता नहीं आ रहा है, इसलिए बैंक जाकर आधार कार्ड और जरूरी दस्तावेज देने होंगे। इसके बाद वह उन्हें बैंक ले गया और खाते में जमा 23 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। महिला ने बताया कि इसके बाद फागुन ने धान बेचने और राशि लाने-ले जाने में परेशानी होने की बात कहकर उन्हें कोटा ले गया। आरोप है कि ग्राम लुफा स्थित उनकी जमीन खसरा नंबर 763 रकबा 4.40 एकड़ और खसरा नंबर 991 रकबा 1.94 एकड़ को पावर आफ अटार्नी कराने के नाम पर अपने नाम रजिस्ट्री करा ली।
जब बालकुंवर को पैसों की जरूरत पड़ी और वह बैंक पहुंचीं तो खाते में राशि नहीं मिली। सहकारी बैंक में धान बिक्री की जानकारी लेने पर पता चला कि तीन साल से उनके नाम पर धान बिक्री भी नहीं हुई है। जांच करने पर उन्हें जानकारी मिली कि जमीन भी उनके नाम पर नहीं बची है। महिला ने मामले की शिकायत बेलगहना चौकी में की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर एसपी कार्यालय में आवेदन दिया।
जांच एसडीओपी कोटा को सौंपी गई। महिला का कहना है कि दस्तावेज और साक्ष्य उपलब्ध कराने के बाद भी पुलिस ने धारा 155 के तहत कार्रवाई कर न्यायालय जाने की सलाह दी। महिला का आरोप है कि रजिस्ट्री दस्तावेज में चेक का उल्लेख किया गया है, लेकिन उक्त राशि आज तक उनके खाते में नहीं आई।
उनका कहना है कि धोखाधड़ी और षड्यंत्र कर जमीन व रकम हड़पने के मामले में एफआइआर दर्ज की जानी चाहिए थी, लेकिन पुलिस ने आरोपी को बचाने का काम किया। अब वृद्ध महिला ने कहा है कि पति और बच्चों की जीवनभर की कमाई चली गई है। यदि न्याय नहीं मिला तो उनके पास जीवन समाप्त करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। आइजी कार्यालय में शिकायत के बाद उन्हें कार्रवाई का इंतजार है।
बैंक खाते से रकम गायब, जमीन भी चली गई
बालकुंवर बसोर का आरोप है कि रिश्तेदार बनकर करीब आने वाले फागुन प्रजापति ने विश्वास का फायदा उठाकर उनकी आर्थिक सुरक्षा छीन ली। महिला के अनुसार पहले बैंक खाते से 23 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए और बाद में जमीन संबंधी दस्तावेजों के नाम पर उनकी करीब 6.50 एकड़ जमीन अपने नाम करा ली गई।
वृद्ध महिला का कहना है कि वह अनपढ़ होने का फायदा उठाकर पूरे मामले को अंजाम दिया गया। जब तक उन्हें इसकी जानकारी हुई, तब तक खाते में रकम नहीं थी और जमीन भी उनके नाम नहीं रही। महिला अब अपनी संपत्ति वापस पाने के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रही है। उनका कहना है कि जीवनभर की मेहनत की कमाई वापस नहीं मिली तो उनके सामने कोई विकल्प नहीं बचा है।
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, आइजी से लगाई न्याय की गुहार
बालकुंवर बसोर ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मामले में धोखाधड़ी और षड्यंत्र के पर्याप्त साक्ष्य होने के बाद भी एफआइआर दर्ज नहीं की गई। महिला का कहना है कि रजिस्ट्री में जिस चेक का उल्लेख किया गया है, उसकी राशि भी उन्हें नहीं मिली।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय धारा 155 की कार्रवाई कर न्यायालय जाने की सलाह दी। महिला ने अब आइजी कार्यालय में शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। साथ ही प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को इच्छा मृत्यु का आवेदन भेजकर कहा है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह जीवन जीने का कोई कारण नहीं देखतीं।
