जिला संवाददाता मुंगेली
माखनसिंह
लोकेशन लोरमी
लोरमी। बिलासपुर जिला मुख्यालय से लगभग 90 किलोमीटर दूर तथा लोरमी से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम डोंगरीगढ़ की पहाड़ी पर विराजमान मां भुवनेश्वरी मंदिर में चैत्र नवरात्रि पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। 19 मार्च से प्रारंभ हुए इस पावन पर्व का समापन 27 मार्च को नवमी तिथि पर जवारा विसर्जन के साथ हुआ।
पहाड़ी की ऊंचाई पर लगभग 1600 सीढ़ियां चढ़कर पहुंचने वाले इस मंदिर में मां भुवनेश्वरी का विराट स्वरूप श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। नवरात्रि के दौरान यहां दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचे और मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। भक्तों का मानना है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य पूर्ण होती है, यही कारण है कि इस मंदिर को “मनोकामना पूर्ण करने वाला धाम” कहा जाता है।
मंदिर के आसपास का प्राकृतिक वातावरण भी अत्यंत मनमोहक है। हरे-भरे पेड़-पौधे और समीप स्थित तालाब, जिन्हें स्थानीय लोग मानसरोवर के समान मानते हैं, इस स्थल की सुंदरता को और बढ़ाते हैं। पूरे नवरात्रि पर्व के दौरान यहां लगातार पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन चलते रहे।
समिति के सदस्यों ने बताया कि मंदिर का ट्रस्ट तो बना हुआ है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं की कमी अब भी बनी हुई है। विशेष रूप से मंदिर की ऊंचाई तक जल पहुंचाने में भारी कठिनाई होती है। पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशानी झेलनी पड़ती है।
समिति के पुजारी श्री सियाराम तिवारी ने जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि क्षेत्र के विधायक एवं उपमुख्यमंत्री से अनुरोध है कि डोंगरीगढ़ मंदिर तक पानी पहुंचाने के लिए लिफ्ट सिस्टम की व्यवस्था की जाए। साथ ही श्रद्धालुओं को धूप से राहत देने के लिए शेड आदि की भी व्यवस्था की जानी चाहिए।
इस आयोजन में समिति के कोषाध्यक्ष लखन यादव , अध्यक्ष राजेंद्र उईके, पुरषोत्तम मार्को,सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। नवरात्रि के दौरान मंदिर में लगभग 1000 तेल ज्योति और 400 घृत ज्योति प्रज्वलित की गईं, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।
श्रद्धा, आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर डोंगरीगढ़ का मां भुवनेश्वरी मंदिर क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक केंद्र बनता जा रहा है, जहां हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
