मिनी बाणसागर परियोजना से नहर में छोड़े गए पानी से टूटी नहर, खेत हुए जलमग्न

रिपोर्टर : सुभाष मिश्रा

रीवा/जवा। गांव वालों की गुहार बरसों मेघा बरसो ऊपर वाले ने तो नहीं सुनी भ्रष्टाचार की इबारत लिखने वाले लोगों ने जरूर सुन ली। रीवा जिले में बरसात आई नहीं लाई गई पूरा गांव पानी-पानी हो गया, ऊपर वाले का पानी तो नहीं बरसा, लेकिन उसके पहले ही भ्रष्टाचार की बरसात नजर आने लगी। लगभग 3 किलोमीटर के एरिया में पानी ही पानी फैल गया।

मामला रीवा जिले के तराई अंचल के जवा जनपद के डागडैया परोहन टोला का यहां पर मिनी बाणसागर त्योथर परियोजना की निर्माणाधीन नहर ही पहले पानी छोड़ते ही टूट गई। आप अंदाजा लगाइए लगभग 400 करोड़ की लागत से बन रही परियोजना का भ्रष्टाचार का आलम क्या होगा, जिसे मंटेना इंफ्रा कंपनी के द्वारा बनाया जा रहा है। पानी का पहला भाव ही नहीं झेल पाई गांव के कच्चे मकान गिरने के कगार पर पहुंच गए।

रीवा जिले में पिछले लंबे समय से नहर का जाल बिछाने का काम शुरू है। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का ड्रीम प्रोजेक्ट है। पूरे रीवा जिले को संचित करना, पंजाब से ज्यादा गेहूं पैदा करना, जिले में चारों तरफ नहरो का जाल बिछ रहा है, जिसके चलते बड़ी-बड़ी कंपनियां काम कर रही हैं। काम लाखों करोड़ों में नहीं कई सौ करोड़ का है, जिसके चलते अधिकारी कर्मचारियों को लंबा कमीशन मिलता होगा, तभी तो काम की गुणवत्ता पर हमेशा ही सवाल उठाते रहते हैं, अधिकारी कर्मचारी घटिया काम की पोल नहीं खोलते ऊपर वाला ही घटिया काम की पोल खोल देता है। तब जिम्मेदार एक दूसरे पर आरोप मढ़ते नजर आते हैं।

ताजा मामला मिनी बाणसागर त्यौथर बहाव परियोजना की नहर डगडैया परोहन टोला का है। इस इलाके में लगभग 400 करोड़ की लागत का नहर का काम चल रहा है। इस नहर को अभी हाल ही में बनाया गया है, जिसमें बीती रात पानी छोड़ा गया था, पानी छोड़ते ही नहर टूट गई लोगों के घर मैं पानी घुस गया। एकाएक अपने घर में पानी घुसा हुआ देखकर लोग घबरा गए, बारिश भी नहीं हुई आसपास नदी नाले भी नहीं फिर एक का एक पानी कहां से आ गया, पता करने पर पता चला नहर फूट गई है। गांव वालों ने तुरन्त ही नहर बना रही कंपनी मैनटेना इंफ्रा हैदराबाद को जानकारी दी, लेकिन उनके कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचे प्रशासन को खबर दी गई पुलिस भी मौके पर पहुंची काम कर रही कंपनी के कर्मचारियों को बुलाया गया तब तक काफी देर हो चुकी थी, जिसकी वजह से गांव वालों का काफी नुकसान हो गया।

गांव वालों ने आगे आने वाले समय में धान बोने के लिए धान की नर्सरी और मूंग व सब्जी लगा रखी थी, जिसका पूरी तरीके से नुकसान हो गया खबर लिखे जाने तक 400 करोड़ की लागत से काम कर रही मिनी बाणसागर परियोजना की नहर निर्माण कंपनी मंटेना के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और नहर का सुधार कर प्रारंभ किया। वहीं प्रशासन के नाम पर पटवारी पहुंचे परन्तु गांव के बाहर देख कर चले गए। ग्रामीणों ने का कहना की हमारे नुकसान की भरपाई करवाई करें कच्चे मकानों में रहने वाले किसानों ने बताया की राशन पशुओं का चारा नष्ट हो गया है।

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