लोकेशन- रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा जिले में EWS प्रमाण पत्र के सत्यापन के नाम पर चल रही रिश्वतखोरी का बड़ा मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने गुढ़ तहसील कार्यालय में पदस्थ तहसीलदार के कंप्यूटर ऑपरेटर को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से तहसील कार्यालय सहित पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है।
2 साल से चक्कर कटवा रहा था कर्मचारी,, शिकायतकर्ता कृषक बृजेन्द्र मणि त्रिपाठी, निवासी ग्राम नर्रहा, तहसील गुढ़ ने EOW को शिकायत दी थी कि उनकी बेटी के EWS प्रमाण पत्र का सत्यापन अक्टूबर 2024 में तहसील कार्यालय गुढ़ पहुंच चुका था, लेकिन तहसीलदार का कंप्यूटर ऑपरेटर भगवानदीन चौरसिया लगातार सत्यापन को टाल रहा था। इसके एवज में वह 10,000 रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था।
पीड़ित कृषक पिछले दो वर्षों से तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहा था। परेशान होकर उसने अंततः EOW कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत पर EOW एसपी अरविन्द ठाकुर के नेतृत्व में टीम गठित की गई। सोमवार को जैसे ही आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर भगवानदीन चौरसिया ने फरियादी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेने के लिए तहसील कार्यालय गुढ़ बुलाया, उसी समय EOW टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
तहसीलदार के कंप्यूटर ऑपरेटर पर कार्रवाई
EOW एसपी अरविन्द ठाकुर ने बताया कि गुढ़ तहसील में ट्रैपिंग कार्रवाई की गई है। तहसीलदार अरुण यादव के कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा EWS प्रमाण पत्र के सत्यापन के लिए 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। रिश्वत की राशि लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। मामले में अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है, साथ ही तहसीलदार की भूमिका की भी जांच होगी।
