लोकेश्वर सिन्हा
डॉक्टरों और वन अमले की सतर्कता से बची युवा हाथी की जान
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन अमले, हाथी मित्र दल और पशु चिकित्सकों के संयुक्त प्रयास से एक बीमार युवा नर हाथी की जान बचा ली गई।
हाथी लंबे समय से अपने झुंड से बिछड़ा हुआ था। हाथी की बिगड़ती हालत को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उसका इलाज शुरू किया।
कई दिनों तक लगातार उपचार और निगरानी के बाद उसकी हालत में सुधार होने लगा।
इलाज के बाद हाथी पूरी तरह स्वस्थ हुआ और कैमरा ट्रैप में उसकी सामान्य गतिविधियां भी दर्ज की गईं।
बाद में वह दोबारा अपने झुंड में शामिल हो गया जिसे संभावित मानव-हाथी संघर्ष की आशंका भी टल गई।
