पोल के नीचे शव, जेब नहीं… अंडरगारमेंट में मिला मोबाइल

Body found beneath the pole; no pockets... mobile phone discovered in undergarment.

कोरबा : मानिकपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के डीपरापारा में लवकुश साहू 40 वर्ष की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब और उलझ गया है। प्रारंभिक तौर पर इसे करंट लगने या आत्महत्या का मामला माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम से पहले मिले अहम सुरागों के बाद पुलिस अब हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं से जांच कर रही है। मृतक के अंडरगारमेंट से एक की-पैड मोबाइल और हस्तलिखित पर्ची मिलने के साथ ही सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट के निशान से मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

मूलरूप से बिहार निवासी लवकुश साहू हमाली का काम करता था और पत्नी बिंदा साहू तथा बच्चों के साथ डीपरापारा में रहता था। करीब आठ वर्ष पहले रोजगार की तलाश में कोरबा आया था। शनिवार शाम वह घर से बाहर निकला था। कुछ देर बाद घर के पास 11 केवी विद्युत पोल के नीचे उसका शव पड़ा मिला था। सूचना मिलने पर मानिकपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कालेज अस्पताल की मर्च्यूरी भेज दिया।

रविवार सुबह पोस्टमार्टम से पहले पंचनामा कार्रवाई के दौरान पुलिस को मृतक के अंडरगारमेंट के नीचे से एक की-पैड मोबाइल और कागज का एक टुकड़ा मिला। पर्ची में टूटी-फूटी भाषा में कुछ लोगों के नाम लिखे हुए थे। इसमें जान से मारने की धमकी और हत्या के प्रयास जैसी बातें दर्ज थीं। पर्ची में लुकवा नाम के साथ कुछ अन्य लोगों का भी उल्लेख मिला है। पुलिस ने मोबाइल और पर्ची को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने बताया कि मृतक के सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट के निशान भी मिले हैं। इसी कारण अब मामले को केवल करंट लगने या आत्महत्या मानकर नहीं देखा जा रहा है। जांच टीम हर पहलू को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटा रही है।

जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि लवकुश की दूसरी शादी बिंदा साहू से हुई थी और पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। पुलिस पारिवारिक विवाद, व्यक्तिगत रंजिश और अन्य संभावित कारणों को भी जांच के दायरे में रखकर पड़ताल कर रही है।

हैंडराइटिंग की कराई जा रही जांच

सीएसपी कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि बरामद मोबाइल और पर्ची को जब्त कर लिया गया है। पर्ची किसने लिखी, इसकी हैंडराइटिंग की जांच कराई जाएगी। साथ ही मोबाइल की काल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फारेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लवकुश साहू की मौत आत्महत्या थी या फिर किसी साजिश के तहत उसकी हत्या की गई।

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