बलरामपुर में भाजपा ने मनाया “संविधान हत्या दिवस”, आपातकाल को बताया लोकतंत्र पर काला अध्याय

BJP observed "Constitution Murder Day" in Balrampur, terming the Emergency a dark chapter for democracy.

बलरामपुर/(शोएब सिद्दिकी) भारतीय जनता पार्टी जिला बलरामपुर-रामानुजगंज द्वारा बुधवार को जिला भाजपा कार्यालय में “संविधान हत्या दिवस” के अवसर पर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। कार्यक्रम में वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल को लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला बताते हुए कांग्रेस की तत्कालीन सरकार की आलोचना की गई।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता राम लखन पैकरा ने कहा कि “25 जून 1975 की काली रात को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने देश में आपातकाल थोपकर संविधान और लोकतंत्र की हत्या की थी। उस दौरान मौलिक अधिकारों को कुचल दिया गया, प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगा दिया गया और हजारों लोकतंत्र सेनानियों को जेल में डाल दिया गया। जनसंघ और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने तानाशाही के खिलाफ संघर्ष करते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए बलिदान दिया था।”

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल कृष्ण मिश्रा ने कहा कि “आज की युवा पीढ़ी को आपातकाल की वास्तविकता से अवगत कराना आवश्यक है। कांग्रेस ने सत्ता बचाने के लिए देश को 21 महीने तक एक तरह से जेल में बदल दिया था। लोकतंत्र की रक्षा और संविधान की गरिमा बनाए रखने का संकल्प हम सभी को लेना चाहिए।”

 

वहीं जिला मीडिया प्रभारी जितेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि “आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। उस समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर गंभीर प्रहार किया गया। समाज और विशेषकर युवाओं को उस दौर की सच्चाई से अवगत कराना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा उत्पन्न न हों।”

 

कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों को नमन किया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष लोधी राम एक्का सहित जिला एवं मंडल पदाधिकारी मौजूद रहे।

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