अपने ही सरकार के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठे भाजपा नेता। अफसरशाही के खिलाफ फूटा भाजपा नेता रमाकांत यादव का गुस्सा — ग्रामीण बोले, विकास सबका हो, किसी एक का नहीं
भाजपा सरकार में अब भाजपा नेता ही अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने लगे हैं। अफसरशाही और प्रशासनिक लापरवाही से तंग आकर भाजपा पिछड़ा वर्ग जिला कार्यसमिति के सदस्य रमाकांत यादव ने अतरैला स्थित वन विभाग कार्यालय के सामने पांच दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं
रमाकांत यादव का कहना है कि “सरकार और प्रशासन जनता की नहीं सुन रहे, अब पार्टी नेताओं की भी नहीं सुनी जा रही। ऐसे में अगर भाजपा कार्यकर्ता ही सड़क पर उतरने को मजबूर हैं, तो आम जनता की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है।”
वहीं ग्रामीणों ने रमाकांत यादव पर व्यक्तिगत हित साधने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नेता जी केवल अपने क्षेत्र विशेष के विकास के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि गांव का बड़ा हिस्सा उपेक्षित है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभिन्न सरकारी कार्यों — जैसे बोर, बिजली या खेत में बोरिंग आदि — के लिए नेता जी द्वारा पैसे वसूले जाते हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि सड़क निर्माण किसी व्यक्ति विशेष के लाभ के लिए किया गया, तो पूरा गांव एकजुट होकर विरोध करेगा और सामूहिक आमरण अनशन पर बैठेगा। ग्रामीणों की मांग है कि “विकास कार्य का लाभ सभी को मिले, किसी व्यक्ति विशेष को नहीं।”
धरना स्थल पर पहुंचे तहसीलदार एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी ने रमाकांत यादव की मांगों और ग्रामीणों की शिकायतों को सुना। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से रायशुमारी कर आपसी सहमति से समाधान निकालने की बात कही है।
