मध्यप्रदेश
अपने ही सरकार के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठे भाजपा नेता, अफसरशाही के खिलाफ फूटा भाजपा नेता रमाकांत यादव का गुस्सा — पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अतरैला में शुरू किया आमरण अनशन
BJP leader Ramakant Yadav begins hunger strike against his own government; anger erupts against bureaucracy – begins hunger strike in Atraila over five-point demands

रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा। भाजपा सरकार में अब भाजपा नेता ही अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने लगे हैं। अफसरशाही और लापरवाही से तंग आकर भाजपा पिछड़ा वर्ग जिला कार्यसमिति के सदस्य रमाकांत यादव ने अतरैला में वन विभाग कार्यालय के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
रमाकांत यादव ने कहा कि सरकार और प्रशासन जनता की सुन नहीं रहे, अब पार्टी नेताओं की भी नहीं सुनी जा रही। ऐसे में अगर भाजपा के कार्यकर्ता और नेता ही सड़क पर उतरने को मजबूर हैं, तो आम जनता की क्या हालत होगी, इसका अंदाजा खुद लगाया जा सकता है।
रमाकांत यादव की पांच सूत्रीय प्रमुख मांगें —
कोनी पंचायत के बुचगड़ा टोला में अतिक्रमण हटाकर सड़क निर्माण कराया जाए। ग्राम कोनी में जर्जर बिजली केबल बदलकर नई केबल लगाई जाए।
मनमानी बिजली बिलों में सुधार किया जाए। अधिकारियों की मनमानी पर रोक लगाई जाए। विकास कार्यों में पारदर्शिता लाई जाए।
उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक अनशन जारी रहेगा। इधर, प्रशासन और भाजपा संगठन की चुप्पी पर कार्यकर्ताओं में तेज नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है – जब अपने ही नेता सरकार से न्याय की गुहार लगा रहे हैं, तो आम जनता की आवाज कौन सुनेगा?



