NH-49 फोरलेन से बिलासपुर-रायगढ़-ओडिशा कनेक्टिविटी मजबूत
Bilaspur-Raigarh-Odisha connectivity strengthened by NH-49 four-laning

बिलासपुर। शहर के लिए महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग NH-49 के शेष हिस्से को फोरलेन बनाने की दिशा में बड़ी पहल शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ के इस प्रमुख औद्योगिक मार्ग को उन्नत करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने अकलतरा के तरौद चौक से रायगढ़ होते हुए ओडिशा बॉर्डर तक फोरलेन सड़क निर्माण की योजना तैयार की है।
राज्य शासन ने 155 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना को मंजूरी दी है। इसमें तरौद चौक अकलतरा से रायगढ़ तक 115 किलोमीटर और रायगढ़ से ओडिशा बॉर्डर तक 40 किलोमीटर का हिस्सा शामिल है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 1200 से 1500 करोड़ रुपये के बीच तय की गई है।
परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए मंत्रालय ने इंडियन टेक्नो (ITL) कंपनी को वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। कंपनी द्वारा तकनीकी सर्वे और डिजाइनिंग कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। DPR के अंतिम रूप लेने के बाद निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
वर्तमान में इस मार्ग पर टू-लेन सड़क होने के कारण भारी वाहनों का दबाव अधिक रहता है, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनती है। फोरलेन बनने के बाद यातायात सुचारू होगा और यात्रियों को कम समय में गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
यह मार्ग औद्योगिक शहर रायगढ़ को ओडिशा से जोड़ता है। फोरलेन बनने से अंतरराज्यीय व्यापार को नई गति मिलेगी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी फायदा होगा। परिवहन लागत में कमी आने के साथ ही यह मार्ग क्षेत्रीय आर्थिक विकास का प्रमुख आधार बनेगा।
नई सड़क को आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों के अनुसार डिजाइन किया जा रहा है। दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित कर उन्हें समाप्त किया जाएगा। साथ ही डिवाइडर, संकेतक और बेहतर लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी, जिससे यात्रा सुरक्षित और आरामदायक बनेगी।
इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सड़क किनारे विकसित होने वाली सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देंगी। यह प्रोजेक्ट केवल यातायात सुधार ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।
तरौद चौक से ओडिशा बार्डर तक फोरलेन सड़क के लिए डीपीआर तैयार करने का काम शुरू हो गया है। ITL कंपनी को सर्वे का जिम्मा दिया गया है। परियोजना से क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और लोगों को एक सुरक्षित और तेज मार्ग मिलेगा।
-रविन्द्र खाम्बरा, कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग



