रीवा ( मऊगंज)
रिपोर्ट _ सुभाष मिश्रा
किराए के मकान में 5-6 महीने से चल रही थी एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री, पुलिस को मिली लैब, केमिकल और करीब एक करोड़ रुपये की ड्रग्स; मुंबई तक जुड़े नेटवर्क की जांच शुरू
मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में नशे के कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई सामने आई है। आईजी की मुहिम “ऑपरेशन प्रहार” के तहत मऊगंज पुलिस ने एमडी ड्रग्स बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। शाहपुर थाना क्षेत्र के बिजौली गांव में किराए के मकान में पिछले 5 से 6 महीने से एमडी ड्रग्स तैयार की जा रही थी। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में केमिकल, ड्रग्स बनाने के उपकरण और करीब एक करोड़ रुपये कीमत की एमडी ड्रग्स बरामद करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में इस नेटवर्क के तार मऊगंज, रीवा और मुंबई तक जुड़े होने की बात सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक, देर रात मऊगंज पुलिस को सूचना मिली कि शाहपुर थाना क्षेत्र के बिजौली गांव में एक किराए के मकान में लंबे समय से एमडी ड्रग्स तैयार करने का अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा है। सूचना मिलते ही मऊगंज पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र जैन ने मामले को गंभीरता से लिया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम, एसडीओपी सचि पाठक तथा शाहपुर थाना प्रभारी ऋषि द्विवेदी के साथ स्वयं मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने मकान की घेराबंदी कर जब अंदर प्रवेश किया तो वहां का दृश्य देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
कमरे के अंदर पूरा सेटअप किसी केमिस्ट्री लैब जैसा दिखाई दे रहा था। बड़ी मात्रा में केमिकल, कांच के बीकर, फ्लास्क, जार, मापने वाले उपकरण और एमडी ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान रखा मिला। तलाशी के दौरान एक तखत पर रखे पैकेट से करीब एक करोड़ रुपये कीमत की एमडी ड्रग्स बरामद हुई। मौके पर मौजूद इलेक्ट्रॉनिक मशीन से स्वयं एसपी सुरेंद्र जैन ने उसका वजन कराया। पुलिस ने पूरे लैब और बरामद सामग्री को जब्त कर लिया है।
पुलिस ने मौके से चार आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में—
चंदन सिंह, पिता राकेश सिंह, उम्र 26 वर्ष, निवासी सोनवर्षा, थाना गढ़, जिला रीवा।
अशोक गुप्ता, पिता मिथिलेश गुप्ता, उम्र 40 वर्ष, निवासी लालगांव, थाना गढ़, जिला रीवा।
पीकचन्द्र यादव, पिता रोशनलाल यादव, उम्र 21 वर्ष, निवासी सोनवर्षा, थाना गढ़, जिला रीवा।
ऋषभ सेन, पिता रामनारायण सेन, उम्र 18 वर्ष, निवासी शुकुलगवां, थाना गोविंदगढ़, जिला रीवा।
को गिरफ्तार किया गया है। सभी से गहन पूछताछ की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह सिर्फ स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि रीवा और मुंबई तक एमडी ड्रग्स की सप्लाई करता था। पिछले चार-पांच महीनों से मऊगंज के स्थानीय बाजार में कोरेक्स के साथ-साथ एमडी ड्रग्स की एंट्री को लेकर चर्चाएं भी तेज थीं। अब इस कार्रवाई के बाद पुलिस को उम्मीद है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी एमडी ड्रग्स बनाकर किन-किन जिलों और राज्यों में सप्लाई करते थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ड्रग्स बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले केमिकल कहां से खरीदे जाते थे और इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
समापन
विंध्य क्षेत्र में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे आईजी की विशेष मुहिम “ऑपरेशन प्रहार” के तहत यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। मऊगंज पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल एक अवैध एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है, बल्कि पूरे ड्रग्स नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने का रास्ता भी खोल दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
