लोकेशन रीवा रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
40 मिनट के कार्यक्रम में 12 लाख की निकासी – BJP उपाध्यक्ष नीलम सिंह ने अपनी ही सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
जल गंगा संवर्धन अभियान में फर्जी बिल और वेंडर का खेल… अब तक 70 लाख से ज्यादा की गड़बड़ी उजागर
रीवा- मऊगंज जनपद पंचायत का भ्रष्टाचार अब लगातार सुर्खियों में है। जल गंगा संवर्धन अभियान में हुए घोटाले की गूंज थमने का नाम नहीं ले रही। हैरानी की बात यह है कि बीजेपी की ही जिला उपाध्यक्ष और जनपद पंचायत अध्यक्ष नीलम सिंह परिहार अब अपनी ही सरकार के खिलाफ खुलकर सामने आ गई हैं।
नीलम सिंह का आरोप है कि महज 40 मिनट के एक कार्यक्रम में 12 लाख रुपए से अधिक की निकासी कर दी गई। इतना ही नहीं, लेखापाल के डिजिटल सिग्नेचर तक छीन लिए गए और बिना निविदा के फर्जी बिल वेंडर प्रदीप इंटरप्राइजेज के नाम चढ़ा दिए गए। जबकि यह वेंडर मऊगंज में मौजूद ही नहीं है।
ग्राम पंचायत के सरपंचों तक का आरोप है कि अभियान का खर्च उन्होंने अपनी जेब से उठाया, लेकिन आज तक उन्हें एक रुपए की भी भरपाई नहीं मिली। वहीं, मुख्य कार्यपालन अधिकारियों पर न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए फर्जी भुगतान करने तक के आरोप लग रहे हैं।
अब तक मऊगंज जनपद पंचायत में करीब 70 लाख रुपए से अधिक के घोटाले की शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। इस मामले को कांग्रेस विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण के जरिए उठाया, लेकिन कार्रवाई आज भी शून्य है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि मऊगंज जनपद पंचायत में इस समय दो-दो सीईओ काम कर रहे हैं – एक प्रभारी और एक प्रशासनिक – और दोनों पर ही भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं।
नीलम सिंह परिहार ने साफ चेतावनी दी है कि अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगी।
