BCCI की बैठक में हार्दिक पांड्या पर बहस, क्या खतरे में है वर्ल्ड कप जगह?
BCCI meeting debates Hardik Pandya; is his World Cup spot in danger?

नई दिल्ली । टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) और रोहित शर्मा की फिटनेस ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की टेंशन बढ़ा दी है। आईपीएल 2026 के बीच हुई बीसीसीआई की एक अहम बैठक में वनडे वर्ल्ड कप 2027 के रोडमैप को लेकर गंभीर चर्चा हुई। एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों सीनियर खिलाड़ियों की फिटनेस आने वाले वर्ल्ड कप की तैयारियों में बड़ी रुकावट बन सकती है।
क्या वनडे वर्ल्ड कप 2027 से बाहर होंगे हार्दिक पांड्या?
हार्दिक पांड्या को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह तो मिली है, लेकिन चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका खेलना पूरी तरह से फिटनेस टेस्ट पर निर्भर करेगा।
सबसे बड़ी चिंता: टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सेलेक्टर्स इस बात को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित हैं कि हार्दिक वनडे मैचों में पूरे 10 ओवर गेंदबाजी कर पाएंगे या नहीं।
मैच प्रैक्टिस की कमी: एक सूत्र ने बताया कि हार्दिक को चयन बैठक से महज 48 घंटे पहले तक अपनी फिटनेस को लेकर कोई साफ जानकारी नहीं थी। वह 2 मई के बाद से मुंबई इंडियंस के लिए मैदान पर नहीं उतरे हैं।
पहले भी हुए बाहर: जनवरी में भी हार्दिक को 10 ओवर गेंदबाजी के लिए पूरी तरह फिट नहीं माना गया था, जिसके चलते उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर बैठना पड़ा था।
बोर्ड के पास बैकअप तैयार: अगर हार्दिक की फिटनेस समस्या दूर नहीं होती है, तो सेलेक्टर्स विकल्प के तौर पर नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा जैसे युवा ऑलराउंडर्स को आगे बढ़ा सकते हैं।
रोहित शर्मा की फिटनेस पर भी उठे सवाल
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बोर्ड सिर्फ हार्दिक ही नहीं, बल्कि रोहित शर्मा की फिटनेस को लेकर भी संशय में है। बीसीसीआई को संदेह है कि क्या रोहित 2027 के वनडे वर्ल्ड कप तक 50 ओवर के फॉर्मेट में उसी दमखम के साथ खेल पाएंगे।
हैमस्ट्रिंग की समस्या: आईपीएल 2026 के दौरान रोहित शर्मा हैमस्ट्रिंग इंजरी (मांसपेशियों में खिंचाव) के कारण मुंबई इंडियंस के कई मैचों से बाहर रहे। अफगानिस्तान सीरीज के चयन से पहले बोर्ड ने विशेष रूप से उनकी फिटनेस रिपोर्ट मांगी थी।
बेंचमार्क टेस्ट से दूरी: सूत्रों के मुताबिक, रोहित पिछले तीन हफ्तों से बीसीसीआई के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (CoE) नहीं गए हैं। हालांकि उन्होंने अपना वजन जरूर कम किया है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या उनका शरीर इंटरनेशनल क्रिकेट का लगातार दबाव झेल पाएगा।
वनडे क्रिकेट की बड़ी चुनौती
बोर्ड के अधिकारियों का मानना है कि टी20 और आईपीएल की तुलना में वनडे क्रिकेट की चुनौती बिल्कुल अलग है। यहां खिलाड़ी को पूरे 50 ओवर मैदान पर एक्टिव रहना पड़ता है और टी20 की तरह ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ का कोई नियम या शॉर्टकट भी नहीं होता।



