महिला दिवस विशेष – रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा ज़िले के डभौरा अंबेडकर नगर में 2008 से जारी एक अनूठी पहल—बहिनी दरबार—आज हजारों महिलाओं की आवाज़ बन चुकी है. यह सिर्फ़ एक संगठन नहीं, बल्कि एक आंदोलन है, जहां महिलाएं अपने अधिकारों के लिए लड़ती हैं और अन्याय के खिलाफ़ आवाज़ उठाती हैं. गांवों की गलियों में एक गहरी पीड़ा छुपी होती है, और इसी दर्द को सुनने के लिए बहिनी दरबार की महिलाएं निकलती हैं. वे निडर हैं, अडिग हैं, और बदलाव की चाहत लिए हर गली, हर चौपाल तक पहुंचती हैं.
बहिनी दरबार की महिलाएं सिर्फ़ समस्याएं सुनती नहीं, बल्कि उन्हें दरबार में लेकर आती हैं, जहां हर शिकायत दर्ज की जाती है. यहां सिर्फ़ कान नहीं, बल्कि दिल भी लगाए जाते हैं. महिलाओं के संघर्ष की कहानियां हाथ से लिखी जाती हैं, और न्याय की राह दिखाने के लिए एक विशेष माध्यम तैयार किया जाता है ।
आवाज़ जितनी ऊंची होगी, न्याय उतना ही जल्दी मिलेगा. इसी सोच के साथ बहिनी दरबार मासिक बघेली पत्रिका प्रकाशित करता है. यह पत्रिका सिर्फ़ शब्दों का संकलन नहीं, बल्कि उन पीड़ित महिलाओं की पुकार है, जो न्याय की तलाश में भटक रही हैं. बहिनी दरबार की यह पत्रिका 20 रुपए में 10 पन्नों की होती है, जिसे गांवों, पंचायतों, आंगनवाड़ियों, और 3000 से अधिक महिलाओं तक पहुंचाया जाता है. यह पत्रिका शासकीय विभागों पुलिस तक भी भेजी जाती है, ताकि उन अन्यायों पर ध्यान दिया जा सके, जिन्हें अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है.इसके अलावा, इस पत्रिका में बघेली भाषा के लोकशब्दों, संविधान में महिलाओं के अधिकारों, और सामाजिक न्याय से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी को भी शामिल किया जाता है।
इस दरबार की शुरुआत एक पीड़ादायक घटना से हुई. कैलशिया, एक दलित महिला, को सिर्फ़ उसकी जाति के कारण सार्वजनिक नल से पानी भरने से रोक दिया गया था। यह अन्याय उस समाज में हुआ, जो समानता और अधिकारों की बात करता है. कैलशिया की यह कहानी बहिनी दरबार के गठन की वजह बनी और एक नई क्रांति का आरंभ हुआ.2008 में दस महिलाओं ने एक संगठन तैयार किया और आवाज को जन जन तक पहुंचाने शुरू हुआ बाहिनी दरबार पत्रिका,, यह पत्रिका हाथों से लिखी जाती है, महिलाएं ही खबर संग्रह करती है, पत्रिका वितरण करती है और स्वयं ही हाथों से एक एक खबर को पत्रिका में अंकित करती है, बाहिनी दरबार की पत्रिका का असर भी दिखता है और इनकी खबरों को स्थानीय स्तर के राष्ट्रीय अखबार भी स्थान देते है।
