छत्तीसगढ़

विश्व सीओपीडी दिवस पर जेएलएन चिकित्सालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

Awareness program organized at JLN Hospital on World COPD Day

सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केन्द्र के श्वसन चिकित्सा विभाग द्वारा विश्व सीओपीडी दिवस 2025 विविध जागरूकता गतिविधियों के साथ मनाया गया। चिकित्सालय के मुख्य ओपीडी परिसर तथा चेस्ट ओपीडी में आयोजित इन कार्यक्रमों का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. विनीता द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. उदय कुमार ने संयुक्त रूप से किया।
अपने संबोधन में मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. विनीता द्विवेदी ने बढ़ते रोग-भार पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समुदाय स्तर पर स्क्रीनिंग और त्वरित पहचान को सुदृढ़ करना अत्यंत आवश्यक है। वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदय कुमार ने आमजन को समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने, उपचार का पूर्ण पालन करने तथा धूम्रपान एवं घरेलू प्रदूषण जैसे जोखिम कारकों से बचने की सलाह दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं विभागाध्यक्ष (श्वसन चिकित्सा) डॉ. सोनाली त्रिवेदी ने कहा कि क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) भारत में मृत्यु का दूसरा सबसे बड़ा कारण है, फिर भी जन-जागरूकता चिंताजनक रूप से कम है। उन्होंने सीओपीडी के त्वरित संदेह, निदान और प्रभावी प्रबंधन के लिए उपलब्ध विभिन्न तरीकों की जानकारी दी तथा लोगों से प्रारंभिक लक्षणों के प्रति सजग रहने की अपील की।
इस अवसर पर नर्सिंग छात्रों द्वारा प्रस्तुत जागरूकता नाटक ने आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। सीओपीडी रोगियों के दैनिक संघर्षों और परिवारों पर पड़ने वाले भावनात्मक प्रभाव को दर्शाते हुए इस नाटक ने समय पर परामर्श, रोकथाम एवं जीवनशैली में सुधार जैसे संदेश प्रभावी रूप से प्रसारित किए।
कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ कंसल्टेंट डॉ. रौनक दास ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया तथा सभी कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कंसल्टेंट डॉ. सुदीप्तो दासगुप्ता ने उपस्थितजन को दिनभर संचालित निःशुल्क स्पाइरोमेट्री जांच शिविर की जानकारी दी, जिसके माध्यम से श्वसन क्षमता में कमी का प्रारंभिक परीक्षण संभव हुआ।
जागरूकता पहल के अंतर्गत वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अथुल अंगज ने पोस्टर प्रतियोगिता के पुरस्कृत प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए। सर्वश्रेष्ठ पोस्टरों को अब ओपीडी परिसर में प्रदर्शित किया गया है, जो रोगियों एवं आगंतुकों को जागरूक और प्रेरित करने में सहायक होंगे।

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