मऊगंज/रीवा | रिपोर्टर – सुभाष मिश्रा
मऊगंज/रीवा | अप्रैल महीने में अचानक बदले मौसम ने मऊगंज और रीवा जिले के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले के कई इलाकों में रुक-रुक कर हो रही बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। महीनों की मेहनत और उम्मीदों से तैयार की गई फसलें अब खराब होती नजर आ रही हैं, जिससे किसानों के चेहरों पर चिंता और मायूसी साफ दिखाई दे रही है।
उधर रीवा जिले के त्योंथर तहसील अंतर्गत बरेठी, कोराव सहित आसपास के कई गांवों में अचानक हुई ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी गेहूं, चना और अन्य रबी फसलों को नुकसान होने की आशंका है। यह समय आमतौर पर फसल कटाई का होता है, लेकिन इस बार मौसम की मार ने पूरे क्षेत्र में डर और बेचैनी का माहौल बना दिया है।
किसानों का कहना है कि यदि बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला जारी रहा तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का अप्रत्याशित मौसम ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल सकता है।
मामले को लेकर प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने कहा है कि सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि जहां कहीं भी ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है, वहां तत्काल सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को राहत राशि स्वीकृत की जाए।
