रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
गांव में सड़क न होने से परेशान ग्रामीण अब आर-पार के मूड में हैं। रीवा जिले की जवा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कोनी कलां से पैपखरा मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने बुधवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे भाजपा अतरैला मंडल के महामंत्री शिवशंकर तिवारी भी ग्रामीणों के साथ अनशन पर बैठ गए।
भाजपा नेता शिवशंकर तिवारी ने बताया कि कोनी से पैपखरा टोला तक सरकारी मार्ग पर अधूरी पीसीसी सड़क का निर्माण वर्षों से अटका पड़ा है। इस मार्ग पर सरहदी भूमि स्वामी द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है, जिससे स्कूली छात्रों और राहगीरों के साथ आए दिन विवाद और मारपीट की घटनाएं हो रही हैं। हाईस्कूल और अस्पताल से जुड़े इस मार्ग के बाधित होने से पूरे क्षेत्र में दहशत और असुविधा का माहौल है।
बरसात में दलदल बन जाता है रास्ता
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने के कारण बरसात के दिनों में यह रास्ता पूरी तरह दलदल में बदल जाता है। हालात इतने खराब हैं कि चार से पाँच हजार की आबादी वाले ग्रामीण बरसात के मौसम में गांव के भीतर कैद होकर रह जाते हैं।
गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों को अस्पताल तक ले जाना बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि एम्बुलेंस तक गांव में नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों को चारपाई या निजी वाहनों में उठाकर ले जाना पड़ता है।
गांव की अर्थव्यवस्था पर असर
सड़क न होने से गांव के व्यापार और कृषि पर भी गहरा असर पड़ा है। किसानों का कहना है कि खराब मार्ग के चलते वे अपनी फसलें समय पर मंडी तक नहीं पहुंचा पाते, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
प्रशासन पर दबाव, सड़क बनने तक अनशन जारी रहेगा
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, आमरण अनशन जारी रहेगा। ग्रामीणों ने कहा कि अब वे केवल लिखित आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क निर्माण की वास्तविक शुरुआत देखना चाहते हैं।
